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सुखी रहने के लिए व्यक्ति को शांत रहना चाहिए: आचार्य गौरव कृष्ण गोस्वामी

सुखी रहने के लिए व्यक्ति को शांत रहना चाहिए: आचार्य गौरव कृष्ण गोस्वामी

– श्री श्याम मित्र मंडल के स्वर्ण जयंती समारोह का आज अंतिम दिन कटिहार श्री श्याम मित्र मंडल कटिहार की स्वर्ण जयंती समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के साप्ताहिक कथा के सातवें व अंतिम दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. भीड़ इतनी अधिक रही कि ट्रैफिक पुलिस को देर रात तक मशक्कत करनी पड़ी. श्रीमद्भागवत कथा में भक्तजनों का हृदय भक्तिभाव से भाव विभोर हो गया. प्रत्येक क्षण गुरु कृपा से सिंचित, हर वाणी प्रेम से भरी, हर श्रोता के हृदय मे श्रीहरि के चरणों की छाया और राधे राधे की मधुर गूंज ने श्रद्धालुओं को भावविभोर होने पर मजबूर कर दिया. आचार्य श्री गौरवकृष्ण गोस्वामी जी ने शुक्रवार को भागवत कथा के अंतिम दिन अपने प्रवचन में कहा कि अशांत व्यक्ति सुखी नहीं रह सकता. जीवन में कितना भी धन, ऐश्वर्या की सम्पन्नता हो. लेकिन यदि मन में शांति नहीं है तो वह व्यक्ति कभी भी सुखी नहीं रह सकता है. वहीं जिसके पास धन की कमी भले ही हों, सुख सुविधाओं की कमी हो. पर उसका मन यदि शांत है तो वह व्यक्ति वास्तव में परम सुखी है. यह हमेशा मानसिक असंतुलन से दूर रहेगा. कथा प्रसंग मे परम भक्त सुदामा चरित्र पर प्रकाश डालते हुए परम आचार्य श्री गौरव कृष्ण जी महाराज ने कहा कि श्रीसुदामा जी के जीवन में धन की कमी थी. निर्धनता थी. लेकिन वह स्वयं शांत ही नहीं, परमशांत थे. इसलिये सुदामा जी हमेशा सुखी जीवन जी रहे थे. क्योंकि उनके पास ब्रह्म (प्रभुनाम) रूपी धन था. धन की तो उनके जीवन में न्यूनता थी. पर नाम धन की पूर्णता थी. हमेशा भाव से ओत प्रोत होकर प्रभु नाम में लीन रहते थे. उनके घर में वस्त्र आभूषण तो दूर, अन्न का एक कण भी नहीं था जिसे लेकर वह प्रभु श्री द्वारिकाधीश के पास जा सके. पर सुदामा जी की धर्म पत्नी सुशीला के मन में इच्छा थी. मन में बहुत बड़ी भावना थी कि हमारे पति भगवान श्री द्वारिकाधीश जी के पास खाली हाथ न जाय. सुशीला जी चार घर गयी और चार मुट्ठी चावल मांगकर लायी. वही चार मुट्ठी चावल को लेकर श्री सुदामा जी प्रभु श्री द्वारिकाधीश जी के पास गये और प्रभु ने उन चावलों का भोग बड़े ही भाव के साथ लगाया. उन भाव भक्ति चावलों का भोग लगाकर प्रभु ने यही कहा कि हमारा भक्त हमें भाव से पत्र पुष्प, फल अथवा जल ही अर्पण करता है तो मैं उसे बड़े ही आदर के साथ स्वीकार करता हूं. प्रभु ने चावल ग्रहण कर श्री सुदामा जी को अपार संपति प्रदान कर दी. आर्चाय श्री गोस्वामी ने इस पावन सुदामा प्रसंग पर सार तत्व बताते हुए समझाया कि व्यक्ति अपना मूल्य समझे और विश्वास करे कि हम संसार के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति है तो वह हमेशा कार्यशील बना रहेगा. क्योंकि समाज में सम्मान अमीरी से नहीं, ईमानदारी और सज्जनता से प्राप्त होता है. पूजा अर्चना के साथ कर्म भी अच्छा कीजिए आचार्य श्री गोस्वामी जी महाराज ने बताया कि मंदिर मे पूजा कीजिए, अच्छी बात है. साथ ही मंदिर से निकलकर अवश्य अच्छे कर्म कीजिए. प्रभु आपके द्वारा किए गए कर्म को देखते है. पूजा तभी सफल होगी. जब आपके कर्म अच्छे होंगे. कर्म ऐसे करो कि तुम रहो न रहो, पर तुम जग मे सदैव याद रहो. एक प्रसंग मे श्री आचार्य जी ने कहा कि कैकेई ने एक ऐसी गलती कर दी कि आज भी कोई लोग अपने बच्चों का नाम कैकेई नही रखते. जीवन मे योगी न बन पाओ तो कोई बात नही. पर उपयोगी अवश्य बनो. ईश्वर ने जो सेवा दी है. उसे पूरी ईमानदारी से निभाओ. प्रभु पर पूर्ण विश्वास करो और कहो कि श्री बांकेबिहारीजी मैं सदैव तुम्हारा हूं. अगर श्याम सुंदर का सहारा ना होता तो दुनिया मे कोई हमारा नही होता. जब से मिली है दया हमको इनकी, वो राहें बदल दी मेरी जिंदगी की. फूल की होली खेल थिरकते रहे श्रद्धालु शुक्रवार को विशेष आयोजन के रूप में पूरे हर्षोल्लास के साथ फूल होली महोत्सव विशेष धूम धाम से मनाया गया. जिसमें आचार्य श्री द्वारा ””होली खेल रहे बांके बिहारी, आज रंग बरस रहा ” ” श्री बांके बिहारी को देख छटा, मेरे मन है गयो लटा-पटा…, राधे राधे बरसाने वाली राधे….आदि भजनों को बड़े ही भाव के साथ गुनगुनाया गया. जिससे हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने फूल होली महोत्सव का आनन्द प्राप्त किया. पूरा कथा प्रांगण भक्ति से भाव विभोर हो श्री राधाकृष्णमय हो गया. जबकि रात्रि बेला मे श्री श्याम मित्र मंडल कटिहार के भजन कलाकार अमित पोद्दार एंड टीम द्वारा मधुर भजनों की अमृत वर्षा हुई. श्री श्याम मित्र मंडल द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम शनिवार को अंतिम दिन मे सर्वप्रथम हवन पूर्णाहुति होगी. उसके बाद भागवत पूजन का विसर्जन और श्री श्याम ज्योत का विराम होगा. उसके बाद दिन मे बाबा का प्रसाद (भंडारा) का आयोजन है. श्री श्याम मित्र मंडल की ओर सेसभी श्रद्धालुजनों से अपील की गयी है कि शनिवार के कार्यक्रम मे सम्मिलित हो.

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