प्लास्टिक अवशिष्ट प्रबंधन इकाई हाथी दांत हो रहा साबित

Updated at : 09 Jan 2026 6:42 PM (IST)
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प्लास्टिक अवशिष्ट प्रबंधन इकाई हाथी दांत हो रहा साबित

प्लास्टिक अवशिष्ट प्रबंधन इकाई हाथी दांत हो रहा साबित

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अमदाबाद प्रखंड में कचरा अवशिष्ट शो पीस बना हुआ है. प्रखंड में कुल 12 पंचायत है. प्राप्त जानकरी के अनुसार सभी पंचायतों में लाखों रुपए खर्च कर कचरा प्रबंधन ईकाई का निर्माण किया गया है. इसके लिए सभी पंचायतों में घर-घर से सुखा व गिला कचरा उठाने के लिए प्रत्येक वार्ड में एक कर्मी की बहाली की गई है. सभी कर्मियों को नियंत्रित करने के लिए प्रत्येक पंचायत में एक स्वच्छता पर्यवेक्षक की बहाली हुई है. कचरे की उठाव कर पंचायत के कचरा प्रबंधन इकाई तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक वार्डों में एक पैडल रिक्शा की व्यवस्था की गई है. साथ ही पंचायत कचरा प्रबंधन इकाई से प्रखंड मुख्यालय स्थित बने प्लास्टिक अवशिष्ट प्रबंधन इकाई तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक पंचायत में एक ई रिक्शा की व्यवस्था की गई है. इक के लिए प्रत्येक स्वच्छता पर्यवेक्षक की मानदेय 7500 महीना है. प्रत्येक स्वच्छता कर्मी 3000 तीन हजार रुपया प्रति माह मानदेय है. अमदाबाद प्रखंड में 12 पंचायतों से 170 वार्ड है. सभी कर्मियों पर पांच लाख दस एवं स्वच्छता पर्यवेक्षक 90 हजार सरकार की कुल छह लाख रुपया प्रति माह खर्च होती है. पंचायतों में कचरा यत्र फेंका हुआ देखने को आसानी से मिल जाता है. सरकार की लाखों रुपया खर्च कर कचरा प्रबंधन इकाई सिर्फ शो पीस साबित हो रहा है. जबकि सरकार की कचरा उठाव कर गीले कचरे से वर्मी कंपोस्ट तैयार करना एवं सूखे प्लास्टिक कचरे को रीसाइकलिंग करना उद्देश्य है. शहर से लेकर गांव मोहल्ले तक की साफ सफाई हो, स्वच्छ वातावरण हो लिए सरकार की लाखों रुपया प्रति माह खर्च हो रहा है. इसके बावजूद भी कचरा उठाव नहीं होता है. प्रखंड मुख्यालय परिसर में प्लास्टिक अवशिष्ट प्रबंधन इकाई बना हुआ है. लेकिन अब तक अधर में लटका हुआ है. प्रखंड मुख्यालय परिसर में बने प्लास्टिक अवशिष्ट प्रबंधन इकाई के पास प्लास्टिक युक्त कचरे की अंबार लगी हुई है. हवा में उड़कर इधर-उधर गंदगी फैल रहा है. इसका शुद्धि लेने वाला कोई नहीं है. कहते हैं बीडीओ प्रखंड विकास पदाधिकारी रणवीर कुमार से दूरभाष पर पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सभी पंचायतों में सुखा एवं गीला कचरे का उठाव हो रहा है. दुर्गापुर एवं भवानीपुर खट्टी पंचायत में वर्मी कंपोस्ट तैयार किया जाता है. उन्होंने बताया कि अन्य पंचायत में नहीं हो पा रहा है. बैरिया पंचायत के कई वार्ड के स्वच्छता कर्मी कार्य करना बंद कर दिए हैं. उनका मानदेय भी बंद कर दिया गया है. प्रखंड मुख्यालय परिसर में बने प्लास्टिक अवशिष्ट प्रबंधन इकाई अमदाबाद में कुछ मशीन लगी है. लेकिन पूर्ण नहीं होने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है. जल्द ही प्लास्टिक अवशिष्ट प्रबंधन इकाई में अवशिष्ट का कार्य शुरू कर दिया जायेगा.

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