टीबी मरीजों को पोषण सहायता किट का वितरण, पौष्टिक आहार से बीमारी पर जीत संभव

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टीबी मरीजों को पोषण सहायता किट का वितरण, पौष्टिक आहार से बीमारी पर जीत संभव

पोषण सहायता किट वितरित करते सीओ, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी| Prabhat Khabar Network

बारसोई स्वास्थ्य केंद्र में टीबी मरीजों को पोषण किट बांटी गई। डॉक्टर ने बताया कि सही आहार और नियमित दवा से टीबी को पूरी तरह ठीक करना संभव है।

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बारसोई (कटिहार) . राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बारसोई की ओर से अनुमंडल अस्पताल परिसर में टीबी मरीजों के बीच टीबी मुक्त पोषण सहायता किट का वितरण किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य मरीजों को दवा के साथ-साथ पौष्टिक आहार उपलब्ध कराकर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहयोग करना तथा वर्ष 2028 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के अभियान को गति देना है.

15 मरीजों को मिली पोषण सहायता किट

कार्यक्रम में बारसोई के अंचल पदाधिकारी श्यामसुंदर साह, अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एम.ए. उस्मानी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे. इस अवसर पर डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि 15 टीबी मरीजों के बीच पोषण सहायता किट का वितरण किया गया.

नियमित दवा और पौष्टिक आहार पर दिया जोर

डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, बशर्ते मरीज चिकित्सक की सलाह के अनुसार नियमित रूप से दवा लें और पौष्टिक भोजन का सेवन करें. उन्होंने कहा कि बीच में दवा छोड़ने से बीमारी गंभीर हो सकती है और उपचार का असर भी कम हो जाता है.

पौष्टिक भोजन अपनाने की सलाह

उन्होंने बताया कि समय पर जांच, नियमित उपचार और पर्याप्त पोषण से टीबी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. मरीजों को अपने भोजन में दाल, दूध, अंडा, हरी सब्जियां, मौसमी फल, सोयाबीन, चना तथा प्रोटीन और विटामिन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए, ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़े और उपचार अधिक प्रभावी हो.

टीबी की जांच और इलाज पूरी तरह निशुल्क

स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, वजन कम होना, बुखार, रात में पसीना आना या खून की खांसी जैसी शिकायत हो तो वह तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं. उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच और इलाज पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध है. साथ ही समाज से टीबी मरीजों के प्रति भेदभाव नहीं करने और उन्हें मानसिक व सामाजिक सहयोग देने की भी अपील की. अधिकारियों ने कहा कि जनसहभागिता, समय पर जांच, नियमित दवा और पौष्टिक भोजन के माध्यम से ही टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.


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अरविंद गुप्ता

लेखक के बारे में

By अरविंद गुप्ता

अरविंद गुप्ता को पत्रकारिता में 14 वर्षों का अनुभव. पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2012 से लगातार कार्य कार्यरत हैं. वर्तमान में कटिहार जिले के बारसोई से समाचार संकलन का कार्य कर रहे हैं.

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