कक्षा 5 और 6 के कमजोर बच्चों के लिए 1 जून से लगेगा स्पेशल समर कैंप, डीपीओ पंकज कुमार ने जारी किया फरमान

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 28 May 2026 9:32 AM

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समर कैंप में बच्चों को सम्मानित करते शिक्षक

Summer Camp: कटिहार जिले के प्रारंभिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए बड़ी खबर है. भाषा और गणित विषय में कमजोर कक्षा पांचवीं और छठी के छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक स्तर को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग 'प्रथम संस्था' के सहयोग से विलेज लेवल पर विशेष समर कैंप लगाने जा रहा है.

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Summer Camp: कटिहार से सूरज कुमार गुप्ता की रिपोर्ट: कटिहार जिले के सरकारी स्कूलों में बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने और बच्चों के भाषायी व गणितीय कौशल (Learning Outcome) को निखारने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की जा रही है. जिले के वैसे बच्चे जो कक्षा 5 और 6 में पहुंच चुके हैं, लेकिन हिंदी पढ़ने या साधारण जोड़-घटाव करने में खुद को असहज महसूस करते हैं, उनके लिए विशेष समर कैंप (Summer Camp) का आयोजन किया जाएगा.

प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) पंकज कुमार ने जिले के सभी प्रारंभिक व मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को पत्र लिखकर इस संबंध में कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं. चालू शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत यह विशेष कैंप ग्रीष्मावकाश (गर्मी की छुट्टियों) के दौरान 1 जून से 30 जून 2026 तक पूरे जिले में एक साथ संचालित किया जाएगा.

‘असर’ (ASER) टूल से होगा बच्चों का चयन, हर कैंप में होंगे 15 तक छात्र

डीपीओ द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, यह समर कैंप किसी बंद चारदीवारी में नहीं, बल्कि सीधे समाज और ग्रामीण स्तर पर आयोजित होगा.

  • चयन की प्रक्रिया: गैर-सरकारी शैक्षणिक संस्था ‘प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन’ के सहयोग से तैयार विशेष सर्वेक्षण टूल ‘असर’ (ASER) के माध्यम से पहले गांव के बच्चों का बेसलाइन टेस्ट लिया जाएगा. इस टेस्ट के आधार पर भाषायी व गणितीय रूप से पिछड़े बच्चों को शॉर्टलिस्ट (चिह्नित) किया जाएगा.
  • कैंप का स्वरूप: प्रत्येक समर कैंप में औसतन 10 से 15 या उससे अधिक छात्र-छात्राओं को शामिल किया जाएगा. इन चिह्नित बच्चों को प्रतिदिन नियमित रूप से एक से डेढ़ घंटे तक खेल-खेल में और रोचक गतिविधियों के जरिए भाषा और अंकगणित का विशेष शिक्षण दिया जाएगा.

प्रति स्कूल 3 निःशुल्क स्वयंसेवकों का होगा चयन; तालीमी मरकज कर्मी भी संभालेंगे कमान

इस महाअभियान को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षा विभाग बड़े पैमाने पर स्थानीय युवाओं की मदद ले रहा है. आदेश के अनुसार, जिले के सभी मध्य विद्यालयों के प्रधानों को अपने-अपने पोषक क्षेत्र से 2 से 3 ऐसे उत्साही स्वयंसेवकों (Volunteers) को चिह्नित करना है, जो समाज सेवा के रूप में स्वेच्छा से अपना निःशुल्क (Free) योगदान देने के लिए तैयार हों.

इसके अतिरिक्त, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (साक्षरता) के अधीन कार्यरत सभी शिक्षा सेवक एवं शिक्षा सेवक तालीमी मरकज कर्मी अनिवार्य रूप से अपने-अपने टोलों और साक्षरता केंद्रों पर इस समर कैंप का आयोजन करेंगे. इन सभी चिह्नित वॉलिंटियर्स को जिला रिसोर्स पर्सन (DRP) और प्रखंड नोडल पर्सन (BNP) द्वारा विशेष तकनीकी प्रशिक्षण (Training) दिया जाएगा, ताकि वे बच्चों को आधुनिक खेल पद्धतियों से पढ़ा सकें.

सामुदायिक भवनों और मंदिर प्रांगणों में सजेगी पाठशाला, बजट ‘शून्य’

स्थानीय संसाधनों का उपयोग: पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस समर कैंप के आयोजन के लिए विभाग की ओर से अलग से कोई राशि या बजट निर्धारित नहीं है. यह पूरी तरह से सामुदायिक सहभागिता (Community Mobilization) पर आधारित होगा.

बच्चों के निवास स्थान की सुगमता को देखते हुए कैंप स्थल के रूप में गांव के हवा महल, मंदिर प्रांगण, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, दालान या निकटवर्ती स्कूल भवन का चयन किया जाएगा. स्कूल के हेडमास्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र की स्वयंसेवी संस्थाओं, प्रबुद्ध शिक्षाप्रेमियों और वार्ड सदस्यों से संपर्क कर इस कैंप को सफल बनाने में सहयोग मांगें.

अधिकारियों की रहेगी पैनी नजर:

इस समर कैंप को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए समग्र शिक्षा अभियान, प्रथम संस्था के जिला प्रतिनिधियों और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के प्राचार्यों को आपसी समन्वय (कोऑर्डिनेशन) के साथ काम करने को कहा गया है. समर कैंप की रोजाना प्रोग्रेस रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड होगी और जिला व प्रखंड स्तर के शिक्षा अधिकारी (बीईओ) इन ग्रामीण कैंपों का औचक और गहन अनुश्रवण (निरीक्षण) करेंगे. लापरवाही बरतने वाले विद्यालय प्रधानों और कर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गाज गिर सकती है.

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Divyanshu Prashant

लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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