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सोयाबीन के कच्चे दाने से दूध बनाने का टिप्स देंगे प्रशिक्षित किसान

Updated at : 29 Sep 2024 8:09 PM (IST)
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सोयाबीन के एक किलो कच्चे दाने से ढाई किलो प्राप्त होगा पनीर

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कटिहार. सोयाबीन के कच्चे दाने से किसानों को दूध बनाने का टिप्स प्रशिक्षित पचास किसान देंगे. सोयाबीन के एक किलो कच्चे दाने से आठ किलाे दूध और ढाई किलो पनीर प्राप्त होगा. यह बातें आत्मा केफेटिरया योजना के तहत किसानों को राज्य के बाहर परिभ्रमण के लिए झारखंड रांची बिरसा कृषि विवि में पांच दिवसीय परिभ्रमण से 28 सितंबर को वापस लौटे सभी पचास किसानों ने कहीं. मालूम हो कि आत्मा के उपपरियोजना निदेशक सुशील कुमार झा व लेखापाल चंदन कुमार के नेतृत्व में जिले के सभी सोलह प्रखंडों से पचास किसानाें को 23 से 27 सितंबर तक परिभ्रमण कार्यक्रम में झारखंड रांची के बिरसा कृषि विवि आइएफएसल मॉडल को देखा और उद्यानिकी फसल, सब्जियां व कई फसलों की खेती के नये तकनीक से अवगत हुए. आत्मा के उप परियोजना निदेशक शशिकांत झा ने बताया कि पांच दिवसीय परिभ्रमण के दौरान किसानों को सीजनल परवल की खेती उसमें तीन से चार वैराइटी को लेकर जानकारी दी गयी. सोयाबीन फसल के द्वारा दूध कैसे बनाये जाये. इस पर भी विस्तार पूर्वक किसानों को बताया गया. बताया गया कि एक किलो सोयाबीन के कच्चे दाने से आठ किलो दूध प्राप्त हो सकेगा. सोयाबीन के दाने को पीसकर गर्म पानी में डालने ढाई किलो तक पनीर प्राप्त हो सकेगा. इसके अलावा सरसों की खेती को विस्तार से बताया गया. गेहूं फसल बेहतर कैसे हो इस पर भी टिप्स दिया गया. फसलों के लगाने की विधि के बारे में और जैविक खेती के बारे में भी बताया गया. मछली, मुर्गा, बकरी पालन के साथ मक्का फसल को लेकर काफी गहन जानकारी से अवगत कराया गया. इस दौरान आईसीएार का एक सबसेंटर रांची के प्लांडू में किसानों को भी ले जाया गया. जहां किसानों द्वारा उद्यानिकी फसलों से संबंधित कई विधा को देखा. जिसमें अमरूद, आम, सपाटू, लीची, वर्मी खाद के निर्माण को लेकर गुण बताये गये. प्रक्षेत्र में चल रहे ट्रायल से भी कराया गया अवगत आत्मा के उप परियोजना निदेशक एसके झा ने बताया कि इस दौरान सब्जी में बैगन, मिर्च, गोभी आदि के बारे में विस्तार पूर्वक वैज्ञानिकों द्वारा वर्ग लिया गया. उसके बाद कृषकों को प्रक्षेत्र में ले जाकर ट्रायल को भी दिखाया गया जो काफी फायदेमंद रहा. झारखंड में किसानों को पुर्नवापसी नामक गोशाला में ले जाया गया. जहां पर देसी गायों का पालन किया जा रहा है. उसका दूध का कीमत एक सौ चालीस रूपये और घी चार हजार रूपये किलो बिक रहा है. गिर, सिंधी, शाहिवाल, थारपाकड़ इन नश्लों के गायों को वहां पर पाया जा रहा है. जो देसी गाय कहलाती हैं. इससे भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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