खेल से होता है शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक विकास

Edited by VIKASH KUMAR
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जिले के प्राथमिक विद्यालयों में हुई शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी

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भभुआ नगर.

अभिभावकों को खेल का महत्व समझाने के उद्देश्य से शनिवार को जिले के सभी प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक अभिभावक संगोष्ठी आयोजित की गयी. इस दौरान प्रधानाध्यापक व शिक्षकों ने अभिभावकों से कहा कि विद्यालयी शिक्षा में खेल का भी एक महत्वपूर्ण स्थान है. नयी शिक्षा नीति-2020 में राष्ट्रीय स्तर पर शारीरिक शिक्षा को परंपरागत शैक्षणिक प्रक्रिया के साथ समानांतर रूप से विकसित करने का प्रावधान किया गया है. खेल विद्यार्थियों के शारीरिक व मानसिक विकास के साथ-साथ सामाजिक और भावनात्मक विकास में भी अहम भूमिका निभाता है. खेल के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, सहयोग, नेतृत्व, आत्मविश्वास और टीम वर्क जैसे जीवन कौशल विकसित होते है. इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अभिभावक शिक्षक संगोष्ठी का थीम ”खेलो और सीखो” रखा गया है. साथ नहीं प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों ने संगोष्ठी में उपस्थित अभिभावकों को विद्यालय में उपलब्ध खेल उपस्कर भी दिखाये. इसके साथ ही बैठक के दौरान शिक्षकों द्वारा सभी अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों से अवगत कराया गया. संगोष्ठी में बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता पर अभिभावकों से चर्चा की गयी. साथ ही शिक्षकों ने अभिभावकों से कहा कि अभिभावक अपने-अपने बच्चे को भोजन कराकर ही विद्यालय भेजें. गौरतलब है कि प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिल कुमार के निर्देश पर विद्यालयों में शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया एवं आयोजन के बाद प्रधानाध्यापकों द्वारा वेबसाइट पर फोटो भी अपलोड किया गया.

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