कैमूर के मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में फ्रैक्चर पैर को कार्टून से बांधकर रेफर करने का मामला, दो जीएनएम से स्पष्टीकरण
अनुमंडलीय अस्पताल में घायल के पैर में कार्टून के टुकड़े लगाते चिकित्सक
Kaimur News : मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में फ्रैक्चर पैर को कार्टून से बांधकर रेफर करने के मामले में दो जीएनएम से स्पष्टीकरण मांगा गया और वेतन कटौती की गई.
Kaimur News : मोहनिया शहर स्थित अनुमंडलीय अस्पताल में सड़क दुर्घटना में घायल मरीज के फ्रैक्चर पैर को उचित चिकित्सकीय स्प्लिंट या स्लैब के बजाय कार्टून के सहारे बांधकर रेफर किए जाने के मामले को अस्पताल प्रशासन ने गंभीरता से लिया है. अस्पताल उपाधीक्षक ने इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात दो जीएनएम से स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही दोनों कर्मियों के चालू माह के मानदेय से पांच-पांच दिनों की राशि कटौती करने का आदेश दिया गया है.
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इमरजेंसी वार्ड में स्लैब और स्प्लिंट उपलब्ध होने की बात
अस्पताल उपाधीक्षक द्वारा जारी स्पष्टीकरण पत्र में कहा गया है कि इमरजेंसी वार्ड में फ्रैक्चर मरीजों के प्राथमिक उपचार के लिए स्लैब और स्प्लिंट की व्यवस्था उपलब्ध है. इसके बावजूद उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं किया जाना प्रथम दृष्टया कर्तव्य के प्रति लापरवाही और उदासीनता को दर्शाता है.
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वीणा और निभा से 24 घंटे में मांगा गया जवाब
रविवार की मॉर्निंग शिफ्ट में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स वीणा कुमारी और निभा कुमारी से पूछा गया है कि उपलब्ध चिकित्सा सामग्री का उपयोग करते हुए मरीज को उचित प्राथमिक उपचार क्यों नहीं दिया गया. साथ ही इस परिस्थिति के लिए उनकी जिम्मेदारी क्यों नहीं तय की जाए, इसका जवाब भी मांगा गया है. दोनों कर्मियों को 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण अस्पताल उपाधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है.

स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की चेतावनी
अस्पताल प्रशासन ने दोनों संबंधित कर्मियों के चालू माह के मानदेय से पांच-पांच दिनों की राशि काटने का भी निर्देश दिया है. निर्धारित समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण का जवाब नहीं मिलने पर उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गयी है.
प्रभात खबर में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया अस्पताल प्रशासन
रविवार को सड़क दुर्घटना में घायल एक मरीज को अनुमंडलीय अस्पताल मोहनिया लाया गया था. मरीज के पैर में फ्रैक्चर होने के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे रेफर किया गया. इस दौरान फ्रैक्चर वाले पैर पर उचित स्प्लिंट या स्लैब लगाने के बजाय कार्टून के सहारे बांधकर रेफर किया गया था. इस मामले को प्रभात खबर ने सोमवार को पेज वन से लेकर अंदर के पेज तक तस्वीर सहित प्रमुखता से प्रकाशित किया था. खबर प्रकाशित होने के बाद सीएस ने अस्पताल उपाधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा, जबकि उपाधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात दोनों जीएनएम से जवाब मांगा है.
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क्या कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक
इस संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अविनाश कुमार ने बताया कि वरीय अधिकारी द्वारा मामले में जो भी स्पष्टीकरण मांगा गया था, उसका जवाब भेज दिया गया है. वहीं, उनके स्तर से ड्यूटी पर तैनात दो जीएनएम से स्पष्टीकरण मांगा गया है.
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क्या कहते हैं कैमूर सीएस
कैमूर सीएस डॉ. चंदेश्वरी रजक ने बताया कि फ्रैक्चर पैर को कार्टून से बांधकर रेफर किए जाने के मामले में डीएस से स्पष्टीकरण मांगा गया है. उनसे पूछा गया है कि आखिर किन परिस्थितियों में इस तरह की स्थिति उत्पन्न हुई.
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