विद्यालयों में आधार कार्ड बनाने के केंद्र बंद होने से बच्चों को परेशानी

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 28 Nov 2024 8:56 PM

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जिले के विद्यालयों में बच्चों के आधार कार्ड बनाने को लेकर खोले गये केंद्र बंद होने के कारण बच्चों की परेशानी बढ़ गयी है,

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भभुआ नगर. जिले के विद्यालयों में बच्चों के आधार कार्ड बनाने को लेकर खोले गये केंद्र बंद होने के कारण बच्चों की परेशानी बढ़ गयी है, जिन बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है या आधार कार्ड में कोई त्रुटि है, उसे सुधारने के लिए खोले गये केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन केंद्र बंद होने के कारण उनके आधार कार्ड में सुधार नहीं हो रहा है और ना ही नये आधार कार्ड बन पा रहे हैं. वहीं, आधार कार्ड नहीं बनने के कारण कई बच्चों का आधार इ-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पा रहा है, जिससे कई बच्चे सरकार द्वारा मिलने वाली योजना से वंचित रह जायेंगे. गौरतलब है कि आधार कार्ड बनाने के लिए विभागीय आदेश के आलोक में जिले के प्रत्येक प्रखंड में स्थित दो उच्च विद्यालयों में आधार कार्ड बनाने के लिए केंद्र की स्थापना की गयी थी, जहां स्थापित केंद्र पर जाकर बच्चे आधार कार्ड बनवा रहे थे. वहीं, अगर आधार कार्ड में अगर कोई त्रुटि भी होती थी, तो इसका सुधार भी करा ले रहे थे. लेकिन, विगत नौ नवंबर से आधार कार्ड बनाने वाले केंद्र बंद हो जाने के कारण जिन छात्र-छात्राओं व बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है, उनकी परेशानी बढ़ गयी है. जबकि, अब भी जिले में अध्ययनरत करीब सैकड़ों ऐसे बच्चे हैं, जिनके आधार कार्ड अभी तक नहीं बन पाये हैं. इसके कारण आधार संख्या की प्रविष्टि इ-शिक्षा कोष पोर्टल पर भी अपलोड नहीं हो पा रही है. ऐसे में इनके परमानेंट एजुकेशन नंबर जनरेट करने और अपार कार्ड बनाने में भी समस्या आयेगी. मालूम हो कि शिक्षा मंत्रालय ने सभी बच्चों के लिए वन नेशन वन आइडी के तहत अपार आइडी कार्ड बनाना अनिवार्य कर दिया है. अपार आइडी कार्ड बनाने के लिए आधार कार्ड जरूरी है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से अपार कार्ड बनाने के लिए डीइओ को कहा गया है. साथ ही जिन बच्चों का इ-शिक्षा कोष पोर्टल पर आधार की प्रविष्टि हो गयी है, उन बच्चों के आधार की प्रविष्टि यू-डायस पोर्टल पर भी करवानी है, ऐसे में जिन बच्चों के पास आधार नहीं है उनका अपार कार्ड बनाना विद्यालयों के लिए बड़ी चुनौती होगी. क्योंकि सभी बच्चों का आधार कार्ड पोर्टल पर अपलोड किया जाना है. अगर आंकड़े पर नजर डालें तो अभी भी जिले के सैकड़ों निजी व सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत हजारों छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड नहीं है, इसके कारण इन बच्चों का अपार आइडी भी नहीं बन पायेगा. शिक्षा मंत्रालय ने वन नेशन वन आइडी के तहत अपार कार्ड बनाना अनिवार्य किया है, लेकिन इसके लिए छात्रों का आधार होना जरूरी है और वर्तमान में आधार बनाने की जटिल प्रक्रिया के कारण अगले तीन महीने से पहले ऐसे छात्रों आधार बनना भी मुश्किल बताया जा रहा है, ऐसे में इन बच्चों का अपार कार्ड बनाने में परेशानी बढ़ने वाली है. बताया गया है कि अपार यानी ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक रजिस्ट्री कार्ड छात्रों का एक डिजिटल आइडी कार्ड होगा, इसमें छात्रों के पूरे जीवन भर की शैक्षणिक जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी. जबकि, जिले में अब भी हजारों छात्रों का इ-शिक्षा कोष पोर्टल पर आधार अपलोड नहीं हुआ है. इधर, विभागीय आदेश के आलोक में विद्यालय में संचालित हो रहे आधार कार्ड केंद्र को तो तत्काल प्रभाव से विगत नौ नवंबर से ही निलंबित कर दिया गया है, लेकिन किन कारणों के चलते निलंबित किया गया इसकी जानकारी विभाग के पास भी नहीं है. हालांकि, कार्यालय में कार्यरत अधिकारियों व कर्मियों की माने तो दबे जुबान करते हैं कि भागलपुर में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के सहारे आधार कार्ड बनाया जा रहा था, इसे देखते हुए आधार कार्ड केंद्र को निलंबित कर दिया गया है. बोले अधिकारी इस संबंध में जानकारी देते हुए एमआइएस प्रभारी दुर्गा प्रसाद ने कहा कि विगत नौ नवंबर से विद्यालय में संचालित हो रहे आधार कार्ड केंद्र को बंद करते हुए विभागीय आदेश के आलोक में निलंबित कर दिया गया है, कब तक केंद्र को खोला जायेगा, इसकी जानकारी अब तक विभाग से नहीं मिली है.

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