कैमूर में PM आवास योजना के नाम पर रिश्वत लेते अधिकारी का वीडियो वायरल,आवास सहायक समेत दो गिरफ्तार

गिरफ्तार आवास सहायक एवं पैसा देने का आरोपी ग्रामीण
कैमूर जिले के चैनपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है. तत्कालीन आवास सहायक और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है.
Headline: कैमूर में आवास योजना के नाम पर रुपये लेने का वीडियो वायरल, तत्कालीन आवास सहायक समेत दो गिरफ्तार
Kaimur PM Awas Yojana Bribe Case : कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभुक से रुपये लेने के वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने सिरबिट पंचायत के तत्कालीन आवास सहायक चुनमुन पासवान और सिरबिट गांव निवासी धनंजय सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
दोनों आरोपियों के खिलाफ चैनपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद दोनों की मेडिकल जांच कराई और फिर न्यायालय के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
Kaimur News : सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
मामले की शुरुआत एक वायरल वीडियो से हुई, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाभ लेने वाले व्यक्ति से रुपये लेने का आरोप लगाया गया था. वीडियो में तत्कालीन आवास सहायक चुनमुन पासवान को सिरबिट गांव निवासी धनंजय सिंह से नगद राशि लेते हुए दिखाया गया था.
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया. इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई.
PM Awas Yojana : ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक ने दर्ज कराई प्राथमिकी
इस संबंध में ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक ओमप्रकाश सिंह ने चैनपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है. दर्ज आवेदन में बताया गया है कि चुनमुन पासवान वर्तमान में मोहनियां प्रखंड में पदस्थापित हैं, जबकि पहले वह चैनपुर प्रखंड के सिरबिट पंचायत में आवास सहायक के पद पर कार्यरत थे.
आरोप है कि नौ जून को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सर्वेक्षित सूची में शामिल परिवारों की पात्रता जांच के दौरान सिरबिट पंचायत निवासी धनंजय सिंह, पिता राजेंद्र सिंह, से नगद राशि लेते हुए उनका वीडियो सामने आया था.
जांच में जवाब नहीं दे सके आवास सहायक
वायरल वीडियो के बाद उप विकास आयुक्त के निर्देश और प्रखंड विकास पदाधिकारी की ओर से जारी पत्र के आधार पर आवास सहायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया. इसके बाद चैनपुर थाना में मामला दर्ज किया गया.
प्रशासनिक जांच के दौरान उप विकास आयुक्त ने चुनमुन पासवान से स्पष्टीकरण मांगा था. उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका भी दिया गया.
पूछताछ के दौरान चुनमुन पासवान ने रुपये लेने की बात को इलाज से जुड़ा बताया था. हालांकि जब उनसे मेडिकल रिपोर्ट और अन्य संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं करा सके. इसके बाद प्रशासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई की.
पुलिस ने शुरू की आगे की कार्रवाई
चैनपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि प्राप्त आवेदन के आधार पर चुनमुन पासवान और धनंजय सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. दोनों को गिरफ्तार करने के बाद मेडिकल जांच कराई गई और फिर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. प्रशासन का कहना है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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