100 में मात्र 15 हाइस्कूलों के छात्रों को मिल रही कंप्यूटर की शिक्षा

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कई स्कूलों में धूल फांक रहे कंप्यूटर सेट, प्राइवेट एजेंसी के जिम्मे व्यवस्था भभुआ नगर : तकनीक के इस युग में कंप्यूटर नॉलेज की महत्ता किसी से छिपी नहीं है. हाइटेक जमाने में सभी काम कंप्यूटर के माध्यम से ही हो रहे हैं, लेकिन जिले के सरकारी स्कूल कंप्यूटर शिक्षा के मामले में फिसड्डी साबित […]

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कई स्कूलों में धूल फांक रहे कंप्यूटर सेट, प्राइवेट एजेंसी के जिम्मे व्यवस्था

भभुआ नगर : तकनीक के इस युग में कंप्यूटर नॉलेज की महत्ता किसी से छिपी नहीं है. हाइटेक जमाने में सभी काम कंप्यूटर के माध्यम से ही हो रहे हैं, लेकिन जिले के सरकारी स्कूल कंप्यूटर शिक्षा के मामले में फिसड्डी साबित हो रहे हैं. जिले के 100 हाइस्कूलों में से मात्र 15 स्कूलों में कंप्यूटर पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है. जिन स्कूलों में कंप्यूटर की शिक्षा दी जा रही है, उसकी भी जिम्मेवारी प्राइवेट एजेंसियां संभाल रही हैं. जिले के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर एजुकेशन आज भी सपना बना हुआ है.
नये साल में भी इस व्यवस्था में कोई खास परिवर्तन होने की उम्मीद नहीं है. सरकार स्कूलों की व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं. स्कूलों में समय-समय पर विज्ञान से संबंधित प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं, लेकिन कंप्यूटर शिक्षा सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए कब सुलभ होगा यह कहना मुश्किल है. इस बात का जिक्र करने पर शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारी भी चुप्पी साध लेते हैं. सरकारी स्कूलों में पढ़नेवाले बच्चों को सीपीयू, मॉनिटर, की-बोर्ड, माउस, प्रिंटर, स्कैनर आदि की एबीसीडी भी मालूम नहीं है. ऐसे में इन स्कूलों में पढ़नेवाले बच्चों का भविष्य कैसे बेहतर होगा. इसका स्पष्ट जवाब देनेवाला भी कोई नहीं.
मात्र एक कंप्यूटर टीचर की हुई है बहाली
प्राइमरी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा अभी भी दूर की कौड़ी नजर आ रही है. बात करें हाइस्कूलों की, तो यहां भी कंप्यूटर एजुकेशन लड़खड़ा रहा है. कंप्यूटर शिक्षा का हाल यह है कि पूरे जिले में मात्र एक कंप्यूटर टीचर की बहाली जिला मुख्यालय स्थित टाउन हाइस्कूल में हुई है. अन्य 15 हाइस्कूलों में कंप्यूटर एजुकेशन की जिम्मेवारी प्राइवेट एजेंसी आइएल एंड एफएस के कंधों पर है. जिले में फिलहाल पुराने 45 हाइस्कूल व 55 अपग्रेड स्कूलों को मिला कर कुल 100 हाइस्कूल संचालित हो रहे हैं.
बोले डीइओ
कंप्यूटर टीचर के पद को ले वरीय अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है. जिले में फिलहाल 15 स्कूलों में प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से कंप्यूटर शिक्षा दी जा रही है.
रामराज प्रसाद, जिला शिक्षा पदाधिकारी
17 स्कूलों से एजेंसी ने खींचे हाथ
विगत वर्षों में जिले के 17 हाइस्कूलों में कंप्यूटर एजुकेशन की जिम्मेवारी संभाल रही प्राइवेट एजेंसी एडुकॉम ने इसे विद्यालय प्रशासन के हवाले करते हुए इस काम से अपने हाथ पीछे खींच लिये हैं. इसके बाद रख-रखाव के अभाव में कई स्कूलों के कंप्यूटर सिस्टम स्कूल के एक कोने में पड़े धूल फांक रहे हैं. कंप्यूटर टीचरों के पद सृजित नहीं होने से कंप्यूटर एजुकेशन की हालत काफी खस्ता है. इसका खामियाजा आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को उठाना पड़ रहा है.
जिन स्कूलों में हो रही कंप्यूटर की पढ़ाई
धनेच्छा हाइस्कूल
जगरियां बालिका हाइस्कूल
बढुपर आदर्श हाइस्कूल
सकरी बालिका हाइस्कूल
बसही बसावन हाइस्कूल
गुड़िया नुआंव हाइस्कूल
चिताढ़ी राधाकृष्ण हाइस्कूल
नौहट्टा हाइस्कूल
अधौरा गर्ल्स हाइस्कूल
चैनपुर गांधी स्मारक हाइस्कूल
कर्णपुरा हाइस्कूल
फाकराबाद हाइस्कूल सेवापुरी
भगवानपुर हाइस्कूल
अटल बिहारी सिंह हाइस्कूल
बारे हाइस्कूल
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