मौसा व मामा ने ही कर दिया सौदा

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अपराध : पढ़ाई कराने के नाम पर चांद के सिरहिरा से ले गये थे चार लड़के जब रिश्तेदार ही रिश्तों की कीमत भूलने लगे, तो गैरों का क्या? एक ऐसा ही मामला कैमूर जिले में देखने काे मिला. यहां रिश्ते में मामा व मौसा ने ही बच्चों का सौदा महज कुछ पैसों को लिए कर […]

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अपराध : पढ़ाई कराने के नाम पर चांद के सिरहिरा से ले गये थे चार लड़के
जब रिश्तेदार ही रिश्तों की कीमत भूलने लगे, तो गैरों का क्या? एक ऐसा ही मामला कैमूर जिले में देखने काे मिला. यहां रिश्ते में मामा व मौसा ने ही बच्चों का सौदा महज कुछ पैसों को लिए कर दिया. पढ़ाई कराने के नाम पर उन्होंने बच्चों के मां-बाप को बरगलाया व बच्चों को एक फैक्टरी में बेच दिया.
भभुआ (कार्यालय) : जिले में बच्चों की तस्करी का एक अनूठा मामला सामने आया है. मचियांव और कटकरा के दो लोगो ने अपनी ही रिश्तेदारी के सात से 10 साल के बच्चों का मुफ्त शिक्षा दिलाने के नाम पर मजदूरी के लिए सौदा कर दिया. इन दोनों पर आरोप है कि ये बच्चों के मां-बाप को झांसादेकर हैदराबाद व राजस्थान की विभिन्न कंपनियों में बेच देते हैं और इसके एवज में मोटी रकम वसूलते हैं.
इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब नौ फरवरी को मचियांव के मदन मुसहर व कटकरा के संजय मुसहर ने अपने रिश्तेदारी में चांद थाना अंतर्गत महमदपुर सिरहिरा गांव पहुंचे और अपने भांजा व भतीजे सहित चार लड़कों के अभिभावकों को गया में मुफ्त शिक्षा दिलाने का लालच दिया.
अनपढ़ व सीधे-साधे अभिभावक रिश्तेदारों के झांसे में आकर चार लड़के बबलू, जितेंद्र, अनिल व सिंटू को उनके साथ भेज दिया. दोनों ने चारों लड़कों के अभिभावकों को यह बताया कि वह उन्हें गया में ले जाकर एक शिक्षण संस्थान में मुफ्त में शिक्षा दिलायेंगे. इसके बाद वे चारों लड़कों को लेकर गया चले आये. गया में तीन दिन रहने के बाद उन्हें लेकर हैदराबाद चले गये और वहां चूड़ी बनाने वाली एक फैक्टरी में बेच दिया.
एक महीने तक उस फैक्टरी में चारों बच्चों से काम लिये गये. इस दौरान काम नहीं करने पर उन्हें पीटा भी जाता था. इससे ऊब चारों एक दिन वहां से भाग कर हैदराबाद स्टेशन पहुंचे. यहां जीआरपी ने उन्हें पकड़ लिया. पूरा मामला सुनने के बाद आंध्र प्रदेश में कड़पा जिला में स्थित चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के लोगों को उन बच्चों को सौंप दिया.
लड़कों ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के लोगों को अपने घर का पता व मोबाइल नंबर बताया. इसके बाद कमेटी के लोगों ने उनके अभिभावकों से संपर्क साधा व पूरे मामले की जानकारी दी. भाषा का ज्ञान नहीं होने व कुछ कर पाने में अक्षम अभिभावकों ने एसपी हरप्रीत कौर से संपर्क किया. एसपी ने एएसपी जगन्नाथ रेड्डी को पूरे मामले की तहकीकात का जिम्मा सौंपा.
जगन्नाथ रेड्डी ने हैदराबाद के चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के लोगों से संपर्क कर एक पुलिस टीम को अभिभावकों के साथ हैदराबाद भेजा. चारों लड़कों को वहां से मुक्त करा भभुआ बुलवाया. भभुआ में मुक्त हुए लड़कों व अभिभावकों से पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ.
एएसपी ने अभिभावकों के बयान पर तस्करी करनेवाले मामा संजय मुसहर व मौसा मदन मुसहर को गिरफ्तार करने के लिए कटकरा और मचियांव में छापेमारी की. छापेमारी में दोनों आरोपित फरार मिले. इस दौरान यह बात सामने आयी कि दोनों ने जिले के दर्जनों ऐसे मासूम लड़कों की तस्करी कर हैदराबाद व राजस्थान में बेचा है. राजस्थान पुलिस भी कुछ दिनों पूर्व उक्त दोनों को गिरफ्तार करने के लिए उनके गांव मचियांव व कटकरा में छापेमारी की थी.
तस्करी के पीछे बड़ा नेटवर्क
एएसपी जगन्नाथ रेड्डी ने बताया कि जांच में यह बात सामने आयी है कि बच्चों की तस्करी करनेवाला यह एक बड़ा नेटवर्क है, जो जिले के मासूम लड़कों की तस्करी कर अन्य प्रदेश में बेच चुका है. उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. हर हाल में दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर गिरोह का उद्भेदन किया जायेगा.
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