दरिंदगी जीती, हारी ममता

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दरिंदगी जीती, हारी ममता फ्लैैग….दहेज की आग. सोने की चेन के लिए जलायी गयी महिला 27 दिन बाद मरी 10 दिसंबर को महिला को जला कर ससुराल वालों ने भूसे के ढेर में छिपाया थाबुधवार को हुई मौत, गुरुवार को पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे परिजन प्रतिनिधि, भभुआ (सदर)अखिरकार ममता हार ही गयी. दहेज की आग […]

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दरिंदगी जीती, हारी ममता फ्लैैग….दहेज की आग. सोने की चेन के लिए जलायी गयी महिला 27 दिन बाद मरी 10 दिसंबर को महिला को जला कर ससुराल वालों ने भूसे के ढेर में छिपाया थाबुधवार को हुई मौत, गुरुवार को पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे परिजन प्रतिनिधि, भभुआ (सदर)अखिरकार ममता हार ही गयी. दहेज की आग ने उसे लील लिया. 27 दिनों तक मौत से जूझने वानी मामता ने बुधवार को आखिरी सांस ली. महज एक सोने की चेन के लिए दहेज लोभी ससुरालवालों की दरिंदगी की शिकार ममता की तबीयत बुधवार की रात एकाएक बिगड़ने लगी सुबह तीन बजे दम तोड़ दिया. जाते-जाते वह हमारे समाज के लिए कई सवाल भी छोड़ गयी. आखिर इन सवालों का जवाब देगा कौन? उसकी मौत के जिम्मेवार ससुरालवाले या हमारे समाज में दहेज को सह देनेवाले? ये कहानी सिर्फ एक ममता की नहीं. देश में ऐसी कई ममताएं हैं, जो हर रोज इस दरिंदगी का शिकार होती हैं. गौरतलब है कि दहेजलोभी ससुरालवालों ने महज एक सोने की चेन की खातिर 10 जनवरी को ममता को आग लगा दी थी. ससुरालवालों के अत्याचार की शिकार ममता चैनपुर थाना क्षेत्र के बिरना गांव के ओमप्रकाश यादव की पत्नी है. उसकी उम्र महज 24 साल थी. फ्लैश बैकपहले जलाया था, फिर जानवरों की तरह किया था सलूकससुरालवालों ने उसे 10 दिसंबर को जलाया और अपना कुकृत्य छिपाने के लिए उसे जानवरों की तरह भूसे के घर में डाल दिया था. आसपास के लोगों को इस बात की भनक लगी. जब ग्रामीणों ने इसकी सूचना महिला के मायके चांद थाने के हसरैव गांव भेजी, तो महिला के परिजन व पुलिस बिरना गांव पहुंचे व भूसे के घर में 24 घंटे तक जली हालत में पड़ी महिला को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया. महिला की हालत गंभीर देखते हुए सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे बनारस रेफर कर दिया. इधर महिला के ससुरालवालों को जैसे पता चला कि गांव के ही कुछ लोगों ने उनके कुकृत्य के बारे में महि ला के मायके वालों को फोन कर दिया है, सभी घर छोड़ कर फरार हो गये़ पिता हत्या के मामले में जेल में हैं बंदममता के पिता हत्या के एक मामले में जेल में बंद हैं. जमीन विवाद को लेकर 2012 की जुलाई में गांव के ही अर्जुन यादव की हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में महिला के पिता रामजी यादव भी आरोपित बने थे. 28 अप्रैल 2014 से इस हत्या मामले में जेल में बंद हैंपुलिस की पकड़ से बाहर सभी आरोपितइस मामले में ममता के पति ओमप्रकाश यादव, ससुर रामाधीन यादव, जेठ गिरधर यादव, अरविंद यादव, जेठानी कश्मीरा देवी व ननद गीता देवी पर चैनपुर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. चैनपुर थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि मामले की धारा बदलते हुए आरोपितों की तलाश की जा रही है. जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.

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