ट्रांसफॉर्मर व खुले स्वीच बोर्ड बन रहे खतरा
ट्रांसफॉर्मर व खुले स्वीच बोर्ड बन रहे खतरा शहर में दर्जनस्थानों पर तीन फीट से भी नीचे लगे हैं ट्रांसफॉर्मर प्रतिनिधि, भभुआ (सदर) विद्युत विभागों द्वारा चौक-चौराहों व मार्गों में लगाये गये ट्रांसफॉर्मरों के स्वीच बाक्सों को खुला छोड़ देने से खतरनाक स्थिति बन गयी है और यह कभी भी लोगों के लिए खतरा बन […]
ट्रांसफॉर्मर व खुले स्वीच बोर्ड बन रहे खतरा शहर में दर्जनस्थानों पर तीन फीट से भी नीचे लगे हैं ट्रांसफॉर्मर प्रतिनिधि, भभुआ (सदर) विद्युत विभागों द्वारा चौक-चौराहों व मार्गों में लगाये गये ट्रांसफॉर्मरों के स्वीच बाक्सों को खुला छोड़ देने से खतरनाक स्थिति बन गयी है और यह कभी भी लोगों के लिए खतरा बन सकता है. शहर में इस तरह के खतरनाक स्थिति वाले कई अधिक स्थान हैं. इसे लेकर विभाग द्वारा कोई सतर्कता नहीं बरती गयी है. लोग कहीं-कहीं तो जान जोखिम में डाल कर तीन फीट से भी नीचे लगे ट्रांसफॉर्मर के बीच से गुजरने को मजबूर हैं.ट्रांसफॉर्मर में होते रहते हैं स्पार्क शहर में दर्जनों जगहों पर विद्युत विभाग द्वारा कम क्षमता से लेकर अधिक क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर लगाये गये हैं. खास कर सब्जी मंडी रोड के सामने, एकता चौक, खादी भंडार गली, नगर थाना, जेपी चौक, पटेल चौक, अष्टभुजी चौक में लगे ट्रांसफॉर्मरों से स्पार्क व आग लगने की अक्सर शिकायत रहती है. जानकार बताते हैं कि क्षमता से अधिक सप्लाइ होने से और मरम्मत के अभाव में यह स्थिति बनती है. वार्ड पार्षद गुड्डू सिंह पटेल कहते हैं कि बिजली विभाग को सड़क किनारे लगाये गये ट्रांसफॉर्मरों को नये सिरे से सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करने की जरूरत है, ताकि शहरवासियों के साथ कोई गंभीर दुर्घटना न हो सके. शहर के 110 स्थानों पर लगे हैं ट्रांसफॉर्मर विद्युत विभाग द्वारा शहर में निर्वाध विद्युत सप्लाइ के लिए विभिन्न जगहों पर 110 स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर लगाये गये हैं. ये 100 केवीए से लेकर 500 केवीए की क्षमता के हैं. ट्रांसफॉर्मरों को शहर के विभिन्न स्थानों, चौराहों व सड़कों के किनारे लगाया गया है. बहरहाल शहर के अंदर इन खतरनाक स्वीच बोर्डों को बच्चों की पहुंच से दूर व बंद रखने के लिए करना जरूरी है.गौरतलब है कि शहर में खादी भंडार, नप कार्यालय के बाहर, अष्टभुजी चौक, मवेशी अस्पताल इत्यादि जगहों पर तीन फीट से भी कम उंचाई पर कम व भारी क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर व स्वीच बोर्ड लगाये गये हैं. इसमें सभी स्वीच बोर्ड खुले हुए हैं. इससे इंसानों के साथ-साथ जानवरों के लिए भी खतरा साबित हो सकता है. ट्रांसफॉर्मर के नीचे चल रही दुकान शहर के कुछ ऐसे स्थान भी है जहां खतरनाक स्थिति में लगे ट्रांसफॉर्मर के नीचे बेरोक-टोक अवैध रूप से दुकान चलाये जा रहे हैं. शहर में एकता चौक, सब्जीमंडी रोड के सामने, खादी भंडार आदि जगहों में यह स्थिति बनी हुई है. इन स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर के नीचे या इनके अगल-बगल छोटे व्यवसायी बेखौफ चलाये जा रहे हैं. जहां पर आपात स्थिति को भी नजरअंदाज करने से लोग गुरेज नहीं कर रहे हैं.जगह उपलब्ध नहीं, विभाग क्या करेंबिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता (विद्युत)आशीष कुमार झा ने बताया कि शहर में सुरक्षित जगह पर ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए कोई जमीन ही नहीं दे रहा. यहां तक कि नगर पर्षद से भी इस संबंध में बार-बार कहा गया, लेकिनइस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. उन्होंने बताया कि विभाग तो संकल्पित है, अगर जमीन मिले तो लोगों की जान जोखिम में क्यों डालें? फोटो:-9.ट्रांसफॉर्मर के नीचे से गुजरते लोग
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