अर्द्धनिर्मित मनरेगा भवन बना आवारा जानवरों का अड्डा

Updated at : 29 Aug 2019 8:52 AM (IST)
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अर्द्धनिर्मित मनरेगा भवन बना आवारा जानवरों का अड्डा

रामपुर : प्रखंड कार्यालय परिसर में साढ़े पांच साल से भारत राजीव गांधी सेवा केंद्र का भवन आवारा मवेशियों का बसेरा बना हुआ है. भवन का निर्माण कार्य लटका हुआ है, निर्माण क्यों नहीं पूरा हो सका यह बताने के लिए कोई नहीं है. इस भवन का निर्माण कराने के उद्देश्य उसमें मनरेगा का कार्यालय […]

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रामपुर : प्रखंड कार्यालय परिसर में साढ़े पांच साल से भारत राजीव गांधी सेवा केंद्र का भवन आवारा मवेशियों का बसेरा बना हुआ है. भवन का निर्माण कार्य लटका हुआ है, निर्माण क्यों नहीं पूरा हो सका यह बताने के लिए कोई नहीं है.

इस भवन का निर्माण कराने के उद्देश्य उसमें मनरेगा का कार्यालय को शिफ्ट करना और वहां से उसकी योजनाओं को संचालित करना, बैठक आयोजित कर योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करना योजनाओं में तेजी लाना आदि था.
लेकिन मनरेगा का कामकाज ट्राइसेंम भवन में चल रहा है. इससे अधिकारी व कर्मियों को काफी परेशानी हो रही है. जब मनरेगा का भवन निर्माण कार्य हो रहा था तब लोगों में एक आस जगी थी कि प्रखंड मुख्यालय में मनरेगा अधिकारियों व कर्मियों को सहूलियत होगी.
बताया जाता है कि इस भवन के निर्माण की आधारशिला वर्ष 2013 में तत्कालीन जिलाधिकारी अरविंद कुमार ने रखी थी. इसका निर्माण कार्य सात अक्तूबर 2013 से शुरू कर छह अप्रैल 2014 तक पूर्ण कर लेना था. लेकिन, इतने वर्षों बाद भी इस भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया जा सका.
निर्माण कार्य शुरू होने से लेकर अब तक प्रखंड में कई प्रखंड विकास पदाधिकारी, मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी आये व उनका स्थानांतरण भी हो गया. लेकिन, इस ओर किसी पदाधिकारी की नजर अधर में पड़े भवन निर्माण की तरफ नहीं गयी. जो आज आवारा मवेशी, सांड़ व सुवर का अड्डा बन हुआ है.
वहीं सांड़ के भय से लोग ई-किसान भवन कार्यालय में जाने से डर रहे है. क्योंकि, सांड़ लोगों को दौड़ा ले रहे है. लोगों की जान की आफत पड़ी है. आज की स्थिति में इस भवन की हालत यह है कि वह जर्जर होने लगा है. जो राशि इसके निर्माण कार्य पर लगी है वह भी अब बेकार होती दिख रही है.
वहीं अधूर पड़े भवन में गांजा पीने वाले का भी बसेरा है. यहां तक इस भवन के अंदर बकरी, गाय, भैस, सांड़, सूअर सहित आवारा पशुओं का बसेरा हो गया है. बताया गया है कि भवन निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 32 लाख 18 हजार 900 रुपये की प्राक्कलन बनाया गया था.
विभागीय सूत्रों ने बताते है कि भवन निर्माण कार्य पर करीब 17 लाख रुपये खर्च किये जा चुके है. इस मामले में मनरेगा पीओ संजय सिन्हा का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया तो उनका मोबाइल पर फोन नहीं लगा. इस कारण उनसे बात नहीं हो सकी.
इस संबंध में बीडीओ अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि पहले के बीडीओ व पंचायत सचिव द्वारा भवन निर्माण करवाया जा रहा था. लेकिन किन कारणों से निर्माण कार्य बंद है इसके लिए मनरेगा पीओ संजय सिन्हा को सूचित किया गया है.
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