स्टेडियम में गड्ढों से खिलाड़ियों व लोगों को चोटिल होने का डर

Updated at : 16 Jul 2019 8:30 AM (IST)
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स्टेडियम में गड्ढों से खिलाड़ियों व लोगों को चोटिल होने का डर

भभुआ : शहर के जगजीवन स्टेडियम में सरफेस को समतल किये बिना घास लगाने के कारण पहले से मौजूद गड्ढे वहां विभिन्न खेलों की प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों व टहलने आने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं. गौरतलब है कि घास लगाने और जीर्णोद्धार कराने के नाम पर स्टेडियम को एक […]

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भभुआ : शहर के जगजीवन स्टेडियम में सरफेस को समतल किये बिना घास लगाने के कारण पहले से मौजूद गड्ढे वहां विभिन्न खेलों की प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों व टहलने आने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं.

गौरतलब है कि घास लगाने और जीर्णोद्धार कराने के नाम पर स्टेडियम को एक साल तक बंद कर दिया गया था. हाल फिलहाल में स्टेडियम काे खिलाड़ियों व आम लोगों के लिए खोल दिया गया है.
पहले से सरफेस में मौजूद गड्ढोंं के अलावा बरसात के इस मौसम में झाड़ियो की तरह उग आयी लंबी-लंबी घास की वजह से न तो खिलाड़ी अपने खेल की प्रैक्टिस सही तरह से कर पा रहे हैं. वहीं, टहलने आने वाले लोग भी अपने को सुरक्षित नहीं महसूस करते हैं. स्टेडियम में ग्रास कटिंग मशीन रहने के बावजूद घास की कटाई भी नहीं की जा रही है.
पिछले एक साल से घास लगाने सहित जीर्णोद्धार के नाम से बंद शहर के जगजीवन स्टेडियम को हाल-फिलहाल खोल तो दिया गया, लेकिन लगायी गयी घास के बीच उभर आये गहरे गड्ढे और फिर बारिश के बाद झाड़ियों के समान उग आयी जंगली घास के कारण कराया गया कार्य गुणवत्ता की दुहाई दे रहा है.
स्टेडियम के सरफेस पर घास के बीच बने बड़े-बड़े गढ्ढे काफी खतरनाक तो थे ही. घास तो उग गये. लेकिन, सरफेस को समतल नहीं करने की वजह से अब मैदान के चारों तरफ खतरनाक रूप से झड़ियों के समान उगी बरसाती जंगली घासों के बीच गहरे गड्ढे उभर आये हैं, जिसमें पैर फंसने पर खिलाड़ियों व टहलने वालों को गंभीर चोट लग सकती है.
केवल घास लगाने पर खर्च हुए 11 लाख रुपये : गौरतलब है कि स्थानीय विधायक रिंकी रानी पांडेय की अनुशंसा पर विधायक निधि योजना के 11 लाख रुपये की राशि से जगजीवन स्टेडियम में घास सहित बैठने, पाथवे और सौंदर्यीकरण के कार्य कराये जाने थे. लेकिन, इस योजना को पूरा करने के लिये प्रशासन ने जिस ठेकेदार का चयन किया था, उसने स्टेडियम में जैसे तैसे केवल घास लगा कर ही कार्य को समाप्त कर दिया था.
ग्रास कटिंग मशीन बनी हुई है शोभा की वस्तु : घास लगाने के साथ स्टेडियम में लगाये गये घासों को करीने से काटने के लिए ठेकेदार द्वारा ग्रास कटिंग मशीन भी मंगायी गयी थी. शुरुआती दौर में तो कटिंग मशीन से घास की कटाई की गयी. लेकिन, पिछले तीन महीने से ना तो स्टेडियम का रखरखाव संचालित हो रहा है और न घास की कटिंग ही हो रही है.
दरअसल, खिलाड़ियों को दुख इस बात का भी है कि स्टेडियम में जब घास नहीं थे, तो धूल से खिलाड़ी परेशान रहते थे. इसके बाद जब डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी के प्रयास से स्टेडियम में घास लगे, तो घास का रखरखाव नहीं किये जाने और बरसात में उग आयी जंगली घासों की वजह भी इन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के आड़े आ रही है.
नगर पर्षद के सहयोग से कराया जायेगा कार्य
इधर, इस मामले में भभुआ एसडीओ जनमेजय शुक्ला का कहना था कि 15 अगस्त के आयोजन को लेकर हुई बैठक में स्टेडियम की साफ-सफाई का निर्देश डीएम द्वारा दिया गया है. जल्द ही नगर पर्षद और भवन निर्माण के सहयोग से स्टेडियम में उग आयी झाड़ियों व जंगली घासों की सफाई सहित अन्य कार्य कराये जायेंगे.
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