जहानाबाद में जाम नालों से बढ़ी परेशानी, हल्की बारिश में सड़कों पर बहने लगता है गंदा पानी

Author Sanjay Anurag|Edited by Nikhil Anurag
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शहर के विभिन्न इलाके में जाम नालों की स्थिति | Prabhat Khabar Network

शहर के विभिन्न इलाके में जाम नालों की स्थिति

जहानाबाद की नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की बदहाली चिंता का विषय बन गई है. नालों और नालियों के जाम होने से थोड़ी सी बारिश में ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गंदगी से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है.

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Jehanabad News: नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर सामने आई है. शहर के अधिकांश नाले और नालियां जाम हैं. नियमित रूप से नालों की उड़ाही और सफाई नहीं होने के कारण थोड़ी सी बारिश में ही नालियों का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगता है. इससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

शहर के मेन रोड, शिवाजी पथ, निकली रोड, अस्पताल रोड, बड़ी मस्जिद रोड, पुराना थाना रोड, खान बहादुर रोड और हवाई अड्डा मार्ग समेत विभिन्न मोहल्लों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों की केवल ऊपरी सफाई कर खानापूर्ति कर दी जाती है, जबकि भीतर जमा गाद और कचरे को नहीं निकाला जाता.

नालों की नियमित उड़ाही नहीं होने से बढ़ रही समस्या

स्थानीय लोगों के अनुसार, जब नालियों का पानी सड़कों पर बहने लगता है और इसकी शिकायत नगर परिषद से की जाती है, तब सफाई कर्मी पहुंचकर केवल ऊपरी कचरा हटाकर पानी के बहाव को चालू कर देते हैं. कुछ दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है. नालों की समुचित उड़ाही नहीं कराए जाने से यह समस्या लगातार बनी हुई है.

लोगों का कहना है कि जब तक पूरे नाले की सफाई नहीं होगी, तब तक जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है.

मोहल्लों की स्थिति प्रमुख सड़कों से भी अधिक खराब

शहर के मोहल्लों में स्थिति और भी बदतर है. जगह-जगह जाम नालियों के कारण गंदा पानी ओवरफ्लो होकर गलियों में बह रहा है. कई मोहल्लों के लोग गंदे पानी के बीच रहने को मजबूर हैं. नगर परिषद कार्यालय और जनप्रतिनिधियों से शिकायत के बावजूद कई स्थानों पर नियमित सफाई नहीं हो रही है.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जाती है. नालियों की गहराई तक सफाई नहीं होने से कुछ ही दिनों में दोबारा जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है.

गंदगी से बढ़ रहा मच्छरों का प्रकोप

जाम नालों में लगातार पानी जमा रहने से मच्छरों के लार्वा पनप रहे हैं, जिससे डेंगू, मलेरिया और फाइलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर सफाई अभियान चलाने, फॉगिंग कराने और जलजमाव खत्म करने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति संतोषजनक नहीं दिख रही है.

लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान यदि जोरदार बारिश हुई तो पूरे शहर में जलजमाव की स्थिति और गंभीर हो सकती है.

ढलाई के नीचे नहीं होती नालों की सफाई

शहर के अधिकांश नालों को ढलाई से ढक दिया गया है और बीच-बीच में सफाई के लिए लोहे की जाली लगाई गई है. कई स्थानों पर ये जालियां टूट चुकी हैं. वहीं जहां नालियों पर ढलाई नहीं है, वहां लोगों ने प्लेटफॉर्म बना लिए हैं. ऐसे स्थानों पर नालियों की नियमित सफाई नहीं हो पाती है.

नगर परिषद द्वारा सफाई कार्य के लिए एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजेंसी मुख्य सड़कों पर झाड़ू लगाने और एक समय कूड़ा उठाने के अलावा अन्य कार्यों में सक्रिय नहीं दिखती.

क्या कहती हैं मुख्य पार्षद

नगर परिषद की मुख्य पार्षद रूपा देवी ने कहा कि शहर में सफाई कार्य एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है. सफाई की स्थिति को लेकर विभिन्न वार्डों से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं. इस मामले में कार्यपालक पदाधिकारी को एजेंसी के माध्यम से बेहतर ढंग से सफाई कार्य कराने का निर्देश दिया गया है.


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