यह कैसी गौ सेवा, भूख से तड़प रही गायें
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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मौत के कगार पर खड़ी है गायें जमुई : यूं तो कहने को भारतीय सभ्यता एवं हिंदू धर्म ग्रंथों में गाय को माता का स्थान दिया गया है. हिंदू धर्म के लोग बड़ी श्रद्धा और सुमन के साथ गाय की पूजा करते हैं. कहते हैं कि गाय के कण-कण में देवताओं का वास होता है. […]
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मौत के कगार पर खड़ी है गायें
जमुई : यूं तो कहने को भारतीय सभ्यता एवं हिंदू धर्म ग्रंथों में गाय को माता का स्थान दिया गया है. हिंदू धर्म के लोग बड़ी श्रद्धा और सुमन के साथ गाय की पूजा करते हैं. कहते हैं कि गाय के कण-कण में देवताओं का वास होता है. गाय के गोबर से लेकर दूध तक हर कुछ अमृत के समान होता है. परंतु जिले में इन दिनों उन्हीं गायों की सेवा के नाम पर हो रहे धोखे से माता मानी जानी वाली गाये मौत के कगार पर आकर खड़ी हो गई हैं. मामला है जिले के एकमात्र राजकीय गौशाला का. जहां अमानवियता का बहुत ही बड़ा मामला सामने आया है.
इन दिनों गोशाला में रह रही गायें भूख से तड़प रही हैं. पर अमानवीयता के कारण उन गायों की इस सूरतेहाल पर किसी का ध्यान नहीं गया है. बताते चलें कि वर्तमान समय में उक्त गौशाला में 55 गाएं हैं और इन दिनों चारा और पानी की कमी से कुछ गायों की हालत इतनी बदतर हो गई है कि वह वह खुद से बिना सहारे के खड़ी तक नहीं हो पा रही हैं. 80 वर्षों से भी अधिक समय से संचालित हो रहे इस गौशाले में बदहाली के बाद एक समय आया था जब गौशाला पूरी तरह बंद हो गया था.
परंतु कुछ वर्ष पहले तत्कालीन कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह की पहल के बाद गौशाला को पुनः शुरू किया गया था. और गौशाला कमेटी का गठन भी किया गया था. जिसके बाद उस वक्त 12-13 गाय दानस्वरूप गौशाला को मिली थी. और उनका उनका रखरखाव गौशाला में किया जा रहा था. वर्तमान समय में गायों की संख्या बढ़कर 50 के पार हो गई हैं. परंतु अब उन गायों की देखरेख में बरती जा रही लचर व्यवस्था से गायों के समक्ष बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो गई है.
हर महीने 90 हजार की आय, लेकिन नहीं होती गायों की देखभाल
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
गौशाला में फैले इस समस्या और हो रहे अमानवीय कृत्य को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को गौशाला पहुंचकर प्रदर्शन किया. बजरंग दल के सदस्य लगातार इस समस्या से निराकरण की मांग कर रहे थे. उन्होंने बताया कि गौशाला में प्रतिमाह 80 से 90 हजार रुपए की आय होती है. लेकिन उन पैसों का इस्तेमाल गायों के रखरखाव में नहीं किया जाता. जिस कारण आज गाय मौत के कगार पर खड़ी हैं. इस दौरान बजरंग दल के कुंदन यादव, भोला केसरी, शम्भू साव, मुकेश साव, उमेश चौधरी, शंकर लहरी, श्रवण पंडित, मुकेश सिंह, प्रहलाद गुप्ता, राजा साव, अजित कुमार, फंटूस साव आदि शामिल थे.
गोशाला में नहीं है सफाई की कोई व्यवस्था
यूं तो कहने को गौशाला में एक मैनेजर और दो गौसेवक की तैनाती भी किया गया है. परंतु उनके द्वारा गौशाला में किसी तरह साफ सफाई की कोई व्यवस्था का ख्याल नहीं रखा जाता है. जगह-जगह गौशाले में कचरा पड़ा हुआ है. गायों के गोबर और पेशाब जगह जगह पर जमा होकर सड़ रहे हैं जिस कारण गायों की बीमारियों का भी खतरा पनप रहा है. लेकिन इस ओर गौशाला संचालकों का ध्यान आज तक नहीं गया है. हालांकि यह तो कहने वाली बात होगी कि जिस गोशाला में गायों के खाने की व्यवस्था नहीं की जा रही वहां सफाई का ध्यान कितना रखा जा रहा होगा. लिहाजा इस बात को लेकर बीच में ग्रामीणों द्वारा पदाधिकारियों को अवगत कराया गया था. लेकिन उसके बावजूद अभी तक इस स्थिति में कोई सुधार नहीं हो सका है. बताते चलें कि पूर्व में भी उक्त गौशाला में समस्या कुछ पशुओं की मृत्यु होने का मामला उजागर हुआ था.
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