लाखों खर्च के बाद भी सफाई की व्यवस्था नहीं
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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परेशानी. नप क्षेत्र के कुछ मुहल्लों की स्थिति नारकीय, जलजमाव के कारण लोगों का जीना दूभर गंदगी व दुर्गंध से नगर क्षेत्र के कई मोहल्ले के लोगों का जीना मुहाल जमुई : लाखों खर्च होने के बाद भी नगर परिषद क्षेत्र के कुछ मुहल्लों की स्थिति बिल्कुल नारकीय बना हुआ है. जलजमाव तथा कूड़े कचरे […]
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परेशानी. नप क्षेत्र के कुछ मुहल्लों की स्थिति नारकीय, जलजमाव के कारण लोगों का जीना दूभर
गंदगी व दुर्गंध से नगर क्षेत्र के कई मोहल्ले के लोगों का जीना मुहाल
जमुई : लाखों खर्च होने के बाद भी नगर परिषद क्षेत्र के कुछ मुहल्लों की स्थिति बिल्कुल नारकीय बना हुआ है. जलजमाव तथा कूड़े कचरे के सड़न के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है. नगर क्षेत्र के कृष्णपट्टी, बम्बई कालनी, बोधवन तालाब, महिसौड़ी मुहल्ला की स्थिति बद से बदतर है. इसके अलावे पुरानी बाजार, भछियार, लगमा, बिठलपुर आदि मुहल्लों में भी कई जगहों पर कूड़ा कचरा का जमाव है. लोगों की माने तो हल्की सी बारिश होने पर भी कुछ मुहल्लों की स्थिति बिल्कुल नारकीय हो जाती है और लोगों को मजबूरन इसी गंदे पानी में प्रवेश करके एक जगह से दूसरी जगह जाना पड़ता है.
व्यवसायी इंद्रदेव सिंह कहते हैं कि हल्की सी बारिश होने पर भी कृष्णपट्टी और महाराजगंज का अधिकांश हिस्सा तालाब में तब्दील हो जाता है. जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है. महाराजगंज बाजार में तो कई दुकानों में बारिश होने पर नाले का गंदा पानी प्रवेश कर जाता है. व्यवसायी संजय बालोदिया कहते हैं कि बारिश होने पर कमोवेश यही हाल महिसौड़ी मुहल्ला का हो जाता है और बीच सड़क पर आकर नाला का गंदा पानी जमा हो जाता है. जिससे लोगों के लिए बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाती है. व्यवसायी मो. गुड्डु कहते हैं कि नगर परिषद के द्वारा सभी मुहल्लों में नियमित रुप से कूड़ा कचरा का उठाव नहीं करने के कारण सड़क किनारे बिखरा कचरा नाले में प्रवेश कर जाता है. जिससे नाला जाम हो जाता है और नाले का गंदा पानी बारिश होने पर सड़क पर आ जाने से कुछ देर तक ऐसा महसूस होता है कि यह सड़क नहीं तालाब है. अरविंद कुमार कहते हैं कि कृष्णपट्टी और बम्बई कालनी मुहल्ला की हालत वर्तमान समय में काफी खराब है और इस दोनों मुहल्ला में पानी के निकास की व्यवस्था नहीं होने के कारण कई जगहों तालाब सा नजारा बना रहता है. व्यवसायी मो. संजय कहते हैं कि नगर परिषद को प्रत्येक वर्ष होल्डिंग टैक्स, दुकान, सैरात बंदोवस्ती व टावर से लाखों रुपया का आय होता है लेकिन साफ सफाई के नाम पर बिल्कुल फिसड्डी साबित हो रहा है. मो. नदीम कहते हैं कि नगर परिषद के द्वारा घरों से निकलने वाले गंदा पानी के निकास हेतु छोटे छोटे नाला का निर्माण तो जरुर कराया गया है . लेकिन उस नाला का गंदा पानी किस बड़े नाला के माध्यम से आगे तक जायेगा या कहां बहेगा. इसकी आज तक कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. व्यवसायी पवन कुमार सिंह व रौशन कुमार कहते हैं कि नगर परिषद को शहर को स्वच्छत बनाने के लिए नियमित रुप से सभी मुहल्लों में साफ सफाई करानी चाहिए.
क्या है नप के पास सफाई के लिए व्यवस्था
सफाई मजदूर 194
ऑटो टीपर 05
ट्रैक्टर 03
जेसीबी 01
बाबकैट 02
कचरा उठाने हेतु ट्रक 01
प्रतिमाह साफ सफाई के नाम पर 13 से 14 लाख रुपये खर्च
कहते हैं कार्यपालक पदाधिकारी
इस बाबत पूछे जाने पर कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि एक से दो दिनों के भीतर युद्ध स्तर पर शहर के सभी वार्ड के नाला की साफ सफाई करा दी जायेगी.
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