रौशन आनंद के भाई प्रिंश यादव की मौत पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, विधायक आईपी गुप्ता के पहुंचने पर किया बवाल

Edited by Nikhil Anurag
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विधायक का विरोध करते आक्रोशित ग्रामीण

Ip Gupta protest : सहरसा के धमसेना गांव में रौशन आनंद के भाई प्रिंश यादव की नेपाल में हुई मौत के बाद भारी आक्रोश देखने को मिला. विधायक आईपी गुप्ता और डॉ. गौतम कृष्ण का ग्रामीणों ने विरोध किया, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.

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Ip Gupta protest: जिले के सौरबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत धमसेना गांव में ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई प्रिंश यादव की मौत के बाद माहौल गमगीन और तनावपूर्ण बना हुआ है. देर रात रौशन आनंद के पैतृक गांव धमसेना पहुंचने पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई. स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड में रहा और सहरसा एसपी हिमांशु कुमार स्वयं मौके पर मौजूद रहे.

विधायक के पहुंचते ही ग्रामीणों ने जताया आक्रोश

देर रात जब सहरसा सदर विधायक आईपी गुप्ता रौशन आनंद के घर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका विरोध किया. आक्रोशित लोगों का कहना था कि यदि जनप्रतिनिधि समय रहते रौशन आनंद की आवाज उठाते तो आज यह घटना नहीं होती. ग्रामीणों ने विधायक पर केवल श्रद्धांजलि देने और फोटो खिंचवाने के लिए आने का आरोप लगाया.

दिन में डॉ. गौतम कृष्ण का भी हुआ विरोध

ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले दिन में पहुंचे विधायक डॉ. गौतम कृष्ण का भी विरोध किया गया था. लोगों का आरोप था कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण आज यह स्थिति उत्पन्न हुई है.

भाई का अंतिम दर्शन कर भावुक हुए रौशन आनंद

देर रात गांव पहुंचे रौशन आनंद अपने भाई प्रिंश यादव का अंतिम दर्शन कर भावुक हो गए. परिजनों और ग्रामीणों के बीच शोक का माहौल बना रहा. बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठ रहे सवाल

ग्रामीणों के बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी आशंका जताई जा रही है. लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मौत की परिस्थितियों का पूरी तरह खुलासा किया जाना चाहिए.

शहर बंद की चेतावनी

घटना को लेकर आक्रोशित लोगों ने सहरसा शहर बंद करने की चेतावनी भी दी है. गांव में लगातार लोगों की भीड़ जुट रही है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है.

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Nikhil Anurag

लेखक के बारे में

By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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