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बिहार में फूलों की डिमांड बढ़ी, शादी-विवाह में कोलकाता, बनारस और बेंगलुरु से मंगाये जा रहे फूल

Updated at : 26 Apr 2022 11:53 AM (IST)
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बिहार में फूलों की डिमांड बढ़ी, शादी-विवाह में कोलकाता, बनारस और बेंगलुरु से मंगाये जा रहे फूल

Bihar News: फूल विक्रेताओं और गाड़ी सजाने वाले दुकानों के समीप वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही है. गाड़ी सजाने, मंडप सजाने समेत अन्य कार्यों के लिए फूलों की अलग-अलग दर निर्धारित हैं. दूल्हे की गाड़ी, मंडप व स्टेज की सजावट से लेकर दूल्हे की पगड़ी व वरमाला का अलग-अलग दर वसूला जा रहा है.

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बिहार में शादी विवाह शुरू हो गयी है. शादी-विवाह की मंडप को सजाने के लिए फूलों की मांग बढ़ गयी है. बिहार में हर रोज सैकड़ों शादियां करीब हो रही है. दूल्हे की गाड़ी को सजाने के लिए बाजार में कोलकाता, बनारस और बेंगलुरु फूल मंगाए जा रहे है. बिहार में फूलों की मांग बढ़ने से शहर की फूल मंडियों में दूसरे राज्यों से फूल आ रहे है. हर रोज शादी विवाह होने के कारण फूलों की मांग बढ़ गयी है. फूल विक्रेताओं और गाड़ी सजाने वाले दुकानों पर ग्राहकों की लंबी लाइन देखने को मिल रही है.

बेंगलुरु से भी मंगाये जा रहे फूल

दूल्हे की गाड़ी, मंडप और स्टेज की सजावट से लेकर दूल्हे की पगड़ी व वरमाला बनाने के लिए अलग-अलग रेट में फूल बिक रहा है. बिहार में फूलों की कमी हो गयी है. फूलों की कमी को दूर करने के लिए महंगे दाम पर कोलकाता से फूल मंगाये जा रहे है. कोलकाता के फूलों का भाव कुछ और है. कोलकाता से फूलों पर राशि अधिक वसूली जा रही है. तो इसके लिए अग्रिम बुकिंग कराना आवश्यक हो गया है. मांग अधिक होने से कभी-कभी बेंगलुरु से भी फूल मंगाये जा रहे हैं.

शादी के मौसम में होती है फूल विक्रेताओं की अच्छी कमाई

शादी-विवाह के अवसर पर वाहनों की सजावट से अच्छी कमाई होती है. शेष कार्यों में मेहनत अधिक और मुनाफा कम है. सिंडिकेट के फूल विक्रेता दोस्ती कुमार कहते हैं कि वाहनों की सजावट दुकानों के पास की जाती है. तो अन्य कार्यों के लिए घरों तक जाना पड़ता है. ऐसे में अगर अग्रिम बुकिंग नहीं कराया गया तो कार्य करना मुश्किल होता है. शंकर कहते हैं कि लोगों की डिमांड के अनुसार फूलों का खेप मंगाया जा रहा है. इस साल लगन अधिक होने से डिमांड अधिक है. गर्मी के मौसम में फूलों की आवक में कमी होने के कारण फूलों की कीमतें भी आसमान छू रही हैं.

कोलकाता व बनारस से मंगाना पड़ रहा फूल

नतीजतन अब मंच की सजावट में प्राकृतिक की जगह कृत्रिम व बनावटी फूलों का प्रयोग अधिक होने लगा है. शादी में पंडाल व मंच सज्जा का आयोजन करने वाले रंजन कुमार ने बताया कि बढ़ती मजदूरी व फूल माला की बढ़ी दर ने शादी वाले घरों का बजट बढ़ा दिया है. वरमाला व मंच सज्जा के लिए गुलाब व रजनीगंधा जैसे फूलों की मांग है. कुछ लोग आर्टिफिशियल फूल से सजावट करा रहे है. शादी विवाह में कुछ लोगों की डिमांड के कारण कोलकाता व बनारस से फूल मंगाना पड़ रहा है.

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सजावट की दर पर एक नजर

शादी के मौसम में विभिन्न तरह की सजावट होती है. इसके लिए अलग-अलग रेट निर्धारित है. गार्डेन वाहन 3000 रुपये, रजनीगंधा व गुलाब से सजावट 3000 रुपये, बरफी कटिंग 3500 रुपये, मंडप सजावट 2500 से लेकर 10000 रुपये तक, रजनीगंधा-गुलाब से बनी वरमाला 500 से 2500 रुपये, लाल व पीला गुलाब 3000 से 5000 रुपये, इसी तरह रजनीगंधा और गुलाब से गाड़ी सजाने की दर 3000 से 4000, आर्टिफिशियल और हल्के फूलों से सजावट की दर तीन हजार, कोलकाता के फूलों से गाड़ी सजावट की दर आठ से 10 हजार है. इसमें भी अलग अलग गाड़ियों का अलग-अलग दर निर्धारित है.

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