ePaper

एंबुलेंस नहीं मिला, तो भीख मांगकर ले गयी थी पति का शव, अब सरकार करेगी मुआवजे का भुगतान

Updated at : 23 Mar 2021 8:33 AM (IST)
विज्ञापन
एंबुलेंस नहीं मिला, तो भीख मांगकर ले गयी थी पति का शव, अब सरकार करेगी मुआवजे का भुगतान

घटना वर्ष 2018 के मई की है. जब सुशीला नाम की एक महिला के पति की मौत पीएमसीएच में इलाज के दौरान हो गयी थी. इस दौरान शव को अस्पताल से घर ले जाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिली.

विज्ञापन

अनिकेत त्रिवेदी, पटना. घटना वर्ष 2018 के मई की है. जब सुशीला नाम की एक महिला के पति की मौत पीएमसीएच में इलाज के दौरान हो गयी थी. इस दौरान शव को अस्पताल से घर ले जाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिली.

लाख प्रयास के बाद जब वह एंबुलेंस से शव ले जाने में असफल रही, तो उसने लोगों से भीख मांग कर पैसे की व्यवस्था की और फिर अपने पति का शव लेकर घर गयी. मामला एंबुलेस नहीं मिलने के साथ चिकित्सीय लापरवाही में मौत का भी था.

इसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया और सुनवाई शुरू की. करीब तीन वर्ष बाद पीड़िता को मुआवजा मिला. बीते फरवरी माह की दस तारीख को आयोग की ओर से मुआवजा देने का फैसला किया गया. फिर गृह विभाग की ओर से राशि स्वीकृति की गयी है.

पुलिस हिरासत में पहले वाले को चार साल बाद मिला लाभ

वहीं, इस वर्ष फरवरी माह में करीब साढ़े चार वर्ष पहले के मामले में तीन पीड़ितों को मुआवजा राशि मिली है. सीतामढ़ी के शिवहर थाना में दर्ज एक कांड 59 /16 में सीतामढ़ी के रहने वाले राज पलटन मिश्रा, ललिता देवी और राकेश पासवान को 25 हजार की दर से मुआवजा भुगतान का निर्देश दिया गया है.

इसके अलावा लखीसराय के पीरी बाजार के रहने वाले बटोरन कोड़ा की मौत पुलिस हिरासत में हो गयी थी. मामला वर्ष 2016 का था. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया. लगभग चार साल के बाद अक्तूबर 2020 में बटोरन कोड़ा के निकटतम परिजन को पांच लाख मुआवजा राशि भुगतान का आदेश दिया गया. इस वर्ष गृह विभाग ने इसकी स्वीकृति दी.

तीन माह में 32 लाख से अधिक मिला मुआवजा

इस वर्ष बीते तीन माह के दौरान मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर अनुग्रह अनुदान की राशि का तेजी से भुगतान हुआ है. जनवरी से लेकर अब तक लगभग 11 कांडों में पीड़ितों को राहत देते हुए करीब 32 लाख से अधिक मुआवजा राशि की स्वीकृति गृह विभाग की विशेष शाखा की ओर से की गयी है.

इसमें किसी एक व्यक्ति को अधिकतम पांच लाख और न्यूनतम 50 हजार तक का भुगतान किया गया है. विभागीय अधिकारियों की मानें, तो जिला के अनुशंसा आने के बाद विभाग स्तर पर मामले को तेजी से निबटाया जा रहा है. पीड़ितों को 50 हजार, एक लाख, दो लाख और अधिकतम पांच लाख तक का भुगतान किया गया है.

Posted by Ashish Jha

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन