पटना के नये बस स्टैंड व पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन के बदहाल रास्तों पर हाइकोर्ट नाराज, बुडको से मांगी रिपोर्ट
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 16 Jan 2024 7:58 PM
पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन और नवनिर्मित बस स्टेंड दोनों जगहों तक पहुंचने के लिए बदहाल सड़क पर पटना हाईकोर्ट ने मंगलवार को संज्ञान लिया और नाराजगी प्रकट की. हाईकोर्ट ने बुडको को निर्देश दिया है कि वो अगली सुनवाई में परियोजना की प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे.
पटना. बिहार की राजधानी पटना में बने पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन और नवनिर्मित बस स्टेंड दोनों जगहों तक पहुंचने के लिए बदहाल सड़क पर पटना हाईकोर्ट ने मंगलवार को संज्ञान लिया और नाराजगी प्रकट की. हाईकोर्ट ने बुडको को निर्देश दिया है कि वो अगली सुनवाई में परियोजना की प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे. कोर्ट को बताया गया कि आम लोगों को बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जाने में काफी मुश्किलें आ रही है.
सुविधा का घोर अभाव
बस स्टेंड पर तो बुनियादी सुविधाओं का भी घोर अभाव है. याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पाटलिपुत्र स्टेशन का निर्माण तो काफी पहले ही हो गया था, लेकिन वहां तक सभी ओर से पहुंचने के लिए सड़कें नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
अगली सुनवाई में प्रगति रिपोर्ट देने का निर्देश
हाइकोर्ट ने राजधानी पटना में निर्मित नये बस स्टैंड जाने वाली सड़क और नालों की दयनीय हालात पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता संजय कुमार टेकरीवाल की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस के वी चंद्रन की खंडपीठ सुनवाई करते हुए बुडको को अगली सुनवाई में प्रगति रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. मुख्य न्यायाधीश के विनोद चंद्रन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले को लेकर दायर किए गए लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया.
सडक व नालों के निर्माण के लिए मिल चुकी है राशि
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता संजीव कुमार मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि इस सडक व नालों के निर्माण के लिए 2021 में ही धनराशि जारी कर दी गयी थी. यह योजना तकनीकी समिति के प्रस्ताव पारित करने के लिए आठ जून, 2021को भेजा था. बस स्टैंड काफी बड़ा है, जहां राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से बसें आती जाती है. बड़ी तादाद में यात्रीगण इस बस स्टैंड में बस पकड़ने आते है.
दो फरवरी तक प्रगति रिपोर्ट पेश करें
इधर, एक दूसरे मामले में हाइकोर्ट ने पाटलिपुत्र रेल स्टेशन को जोड़ने वाली सड़कों के निर्माण और वहां बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से दो फरवरी तक प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है. मुख्य न्यायाधीश के विनोद चंद्रन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने भरत प्रसाद सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया.
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सड़क का काम तीन वर्षों से चल रहा
कोर्ट को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सत्यम शिवम सुंदरम ने बताया कि गोला रोड़ की ओर से जोड़ने वाले सड़क का काम तीन वर्षों से चल रहा है, लेकिन कोई खास प्रगति नहीं हुई है. एनटीपीसी रोड़ 600 मीटर लंबी है, लेकिन इसमें भी भू अर्जन का कार्य पूरा नही हो पाया है. एम्स एलीवेटेड रोड़ के निर्माण में होने वाले व्यय में राज्य सरकार ने रेलवे को आधा हिस्सा देने को कहा लेकिन रेलवे ने स्पष्ट रूप से कहा कि चूँकि यह रेलवे का प्रोजेक्ट नहीं है इसलिए इसमें रेलवे सहयोग नहीं कर सकेगा.
लंबाई 600 मीटर और चौडाई 22 मीटर होगी
इसके पूर्व कोर्ट को बताया गया था कि सभी संबंधित अधिकारियों की बैठक में पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन को चारों ओर से जोड़ने की योजना पर विचार हुआ था ताकि सभी ओर से यात्रियों को स्टेशन आने में सुविधा हो. एन टी पी सी रोड ,जिसकी लंबाई 600 मीटर और चौडाई 22 मीटर होगी इस मुख्य सड़क से तीन और सडकें मिलती हैं. एम्स एलिवेटेड रोड को स्टेशन तक बढ़ाने की योजना हैं ताकि यात्री सीधे स्टेशन पहुंच सके. पश्चिम की तरफ से दानापुर और गोला रोड की ओर से आने वाले यात्रियों के लिए नहर की सड़क को चौडा किये जाने की योजना हैं.
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