वैशाली में ₹2,000 करोड़ से अधिक खर्च के बाद भी नहीं रोशन हुईं गांव की गलियां, अधिकांश सोलर स्ट्रीट लाइट बंद

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खराब पड़ा सोलर स्ट्रीट लाइट | Prabhat Khabar Network

Vaishali Solar Street Light News: वैशाली जिले की 278 पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट योजना पर 2 अरब 25 करोड़ 18 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन अधिकांश लाइटें बंद पड़ी हैं.

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Vaishali Solar Street Light News: गांव की गलियों को दूधिया रोशनी से रोशन करने के लिए सरकार द्वारा सोलर स्ट्रीट लाइट लगायी गयी है. लाइट लगाने वाली एजेंसी द्वारा प्लेट एवं बैटरी की गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखे जाने के कारण यह योजना सफल होने से पहले ही फ्लॉप साबित होती दिख रही है. योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आने लगी है. विभिन्न पंचायतों के वार्ड में लगी अधिकांश लाइटें बंद हो चुकी हैं. जबकि जिले में सरकार द्वारा चिन्हित ब्रेडा कंपनी को लाइट लगाने का जिम्मा दिया गया था.

दो हजार करोड़ रुपये से अधिक हुए योजना पर खर्च

पंचायत के विभिन्न वार्डों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए पंचायती राज की 15वीं वित्त योजना से प्रति लाइट लगभग 36 हजार रुपये का भुगतान किया गया है. स्थानीय मुखिया की मानें तो एक पंचायत में औसत 15 वार्ड हैं. एक वार्ड में कम से कम 15 लाइट लगाने का प्रावधान है. इस तरह एक पंचायत में लगभग 81 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं. आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले की कुल 278 पंचायतों में इस योजना के तहत अब तक 2 अरब 25 करोड़ 18 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं.

सोलर लाइट सांकेतिक तस्वीर। AI Generated
सोलर लाइट सांकेतिक तस्वीर। AI Generated

लगने के साथ ही खराब हो गयीं स्ट्रीट लाइट

जिले के विभिन्न प्रखंडों की पंचायतों में लगायी गयी अधिकांश स्ट्रीट लाइटें लगने के साथ ही खराब हो रही हैं. इससे स्पष्ट है कि कंपनी द्वारा लगायी गयी सोलर स्ट्रीट लाइट योजना में सामग्री की गुणवत्ता को ताक पर रखा गया है. इस योजना में बड़े पैमाने पर कंपनी द्वारा सरकारी राशि के बंदरबांट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.

वर्ष 2022 में सरकार ने लायी थी यह योजना

वर्ष 2022 में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर गांव की गलियों को रोशन करने के उद्देश्य से ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना लायी गयी थी. एक वर्ष में प्रथम फेज का काम पूरा कर लेना था, लेकिन विभागीय उदासीनता एवं पंचायत प्रतिनिधियों के शिथिल रवैये के कारण यह कार्य अपने निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो सका था. तीन साल बाद इस योजना को लगभग पूरा कर लिया गया है. हालांकि कुछ पंचायतों में अब भी कार्य बाकी है.

सोलर लाइट योजना से जुड़ी जानकारी। AI Generated
सोलर लाइट योजना से जुड़ी जानकारी। AI Generated

सरकार की कंपनी ने की है प्लेट व उपकरणों की आपूर्ति

बिहार सरकार द्वारा संचालित बिहार रिन्यूएवल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (ब्रेडा) द्वारा पूरे बिहार में सोलर स्ट्रीट लाइट लगायी गयी है. इसके लिए सोलर प्लेट, बैटरी एवं अन्य सामग्री की आपूर्ति ब्रेडा द्वारा ही की गयी है. बाहरी बाजार या एजेंसी से सामग्री की खरीदारी नहीं की गयी है. इसके साथ ही पांच वर्षों तक देखरेख भी कंपनी के द्वारा किया जाना है.

क्या कहते हैं अधिकारी

सोलर स्ट्रीट लाइट योजना की निगरानी एवं देखरेख के लिए जिला पंचायती राज पदाधिकारी के कार्यालय में एक टेलीविजन लगाने के लिए कहा गया है. वहीं से जिले की किस पंचायत या वार्ड में स्ट्रीट लाइट खराब है या बंद पड़ी है, इसकी जानकारी मिलेगी. फिलहाल सभी सोलर प्लेट में कंपनी का कंप्लेन नंबर दिया गया है. कंप्लेन मिलने के 48 घंटे के भीतर उसे ठीक कर देना है.- कुंदन कुमार, डीडीसी, वैशाली

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राहुल कुमार राय

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By राहुल कुमार राय

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