हाजीपुर : अक्षयवट महाविद्यालय में चार महीने से वेतन भुगतान बंद, सचिव के इस्तीफे से फंसा मामला

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अक्षयवट महाविद्यालय फाइल फोटो

Akshayvat College Salary : अक्षयवट महाविद्यालय, हाजीपुर के प्राध्यापकों और कर्मियों को चार महीने से वेतन नहीं मिला है. सचिव के इस्तीफे के कारण बैंक खाते से राशि की निकासी रुकी हुई है, जिससे कर्मियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.

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Akshayvat College Salary : हाजीपुर के महुआ प्रखंड क्षेत्र स्थित अक्षयवट महाविद्यालय के प्राध्यापकों और कर्मियों को पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला है. वेतन भुगतान नहीं होने से कॉलेज कर्मियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. कई प्राध्यापकों और कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है.

सचिव के इस्तीफे से अटकी बैंक निकासी

जानकारी के अनुसार महाविद्यालय के सचिव वृषण पटेल ने एक मामले को लेकर अपने पद से इस्तीफा देने की बात कहते हुए विश्वविद्यालय को पत्र सौंपा है. इसके बाद कॉलेज के बैंक खाते से राशि की निकासी का मामला अटक गया है. कॉलेज की राशि निकालने के लिए प्राचार्य और सचिव दोनों के हस्ताक्षर आवश्यक बताए जा रहे हैं.

सचिव के हस्ताक्षर नहीं होने से नहीं निकल रही राशि

कॉलेज कर्मियों के अनुसार सचिव का हस्ताक्षर उपलब्ध नहीं होने के कारण बैंक खाते से राशि की निकासी नहीं हो पा रही है. इसी वजह से पिछले चार महीने से प्राध्यापकों और कर्मियों के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. वेतन भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी भी है.

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प्राचार्य ने सचिव का इस्तीफा पत्र लेने से किया था इनकार

मामले में प्रभारी प्राचार्य पहवारी लाल यादव ने बताया कि एक कार्यक्रम के दौरान सचिव उन्हें इस्तीफे का पत्र सौंप रहे थे. उन्होंने पत्र लेने से इनकार कर दिया था. प्राचार्य के अनुसार सचिव की ओर से इस्तीफे को लेकर विश्वविद्यालय को पत्र दिए जाने की जानकारी है.

सचिव बोले- मैंने इस्तीफा दे दिया है

वहीं सचिव वृषण पटेल से मोबाइल फोन पर बातचीत की गई तो उन्होंने इस्तीफा देने की बात कही. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने पद से रिजाइनेशन कर दिया है. हालांकि, इस्तीफे की स्थिति को लेकर विश्वविद्यालय स्तर पर अंतिम निर्णय का इंतजार है.

विश्वविद्यालय ने इस्तीफा मंजूर नहीं किया

इस मामले में विश्वविद्यालय प्रतिनिधि डॉ. शशिभूषण कुमार ने बताया कि उनकी नियुक्ति हाल ही में प्रतिनिधि के रूप में हुई है, इसलिए उन्हें पूरे मामले की जानकारी नहीं है. हालांकि, उन्हें जानकारी मिली है कि सचिव की ओर से इस्तीफे का पत्र विश्वविद्यालय को सौंपा गया था.

जल्द समाधान का विश्वविद्यालय ने दिया भरोसा

विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के अनुसार सचिव का इस्तीफा अभी मंजूर नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि मामले का जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा. बैंक खाते से राशि की निकासी का रास्ता साफ होने के बाद प्राध्यापकों और कर्मियों के लंबित वेतन का भुगतान कराने की कोशिश की जाएगी.

चार महीने से वेतन नहीं मिलने से बढ़ी चिंता

लगातार चार महीने तक वेतन नहीं मिलने से कॉलेज के प्राध्यापकों और कर्मियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है. कर्मचारियों को अब विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद है. यदि बैंक से राशि की निकासी की प्रक्रिया जल्द पूरी होती है, तो लंबित वेतन भुगतान का रास्ता साफ हो सकता है.

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दिलीप कुमार

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By दिलीप कुमार

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