वैशाली में डेंगू का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट; सदर अस्पताल में 10 बेड का विशेष वार्ड तैयार

Author Devendra gupt|Edited by Nikhil Anurag
Updated:
विज्ञापन
फोटो -51- सदर अस्पताल  | Prabhat Khabar Network

सदर अस्पताल

Hajipur Dengue prevention: वैशाली जिले में डेंगू का खतरा मंडराने लगा है. पिछले वर्षों के अनुभव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं. जिले में डेंगू से बचाव के लिए विशेष वार्ड और फॉगिंग की व्यवस्था की गई है.

विज्ञापन

Hajipur Dengue prevention: बरसात का मौसम शुरू होने के साथ ही वैशाली जिले में डेंगू का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है. पिछले वर्षों में जिले में सैकड़ों लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं. इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं. हालांकि फिलहाल जिले में किसी डेंगू मरीज की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल पदाधिकारी डॉ. गुड़िया कुमारी ने बताया कि अभी तक जिले के किसी भी इलाके से डेंगू मरीज मिलने की सूचना नहीं है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं. उन्होंने बताया कि डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है, जो साफ पानी में पनपता है और दिन में काटता है.

एक दशक में हजारों लोग हुए डेंगू से प्रभावित

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वैशाली जिले में पिछले एक दशक के दौरान डेंगू के मामलों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. वर्ष 2015 में 15 मरीज मिले थे, जबकि 2016 में 53, 2017 में 58 और 2018 में करीब 75 लोग डेंगू से प्रभावित हुए थे. वर्ष 2019 में मरीजों की संख्या करीब 100 पहुंच गई थी. कोरोना काल में मामलों में कमी आई और 2020 में छह तथा 2021 में सात मरीज दर्ज किए गए. इसके बाद 2022 में 180 से अधिक, 2023 में रिकॉर्ड 739, वर्ष 2024 में 314 और 2025 में 235 डेंगू मरीज सामने आए थे.

सदर अस्पताल में 10 बेड का विशेष वार्ड

डेंगू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अलर्ट कर दिया है. सदर अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 10 बेड का विशेष वार्ड बनाया गया है, जहां मॉनिटर, ऑक्सीजन सिलेंडर और मच्छरदानी की व्यवस्था की गई है.

इसके अलावा अनुमंडल अस्पतालों में पांच-पांच बेड तथा प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो-दो बेड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं. विभाग ने बताया कि जरूरत पड़ने पर बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी.

मरीज मिलने पर होगी तत्काल फॉगिंग

डॉ. गुड़िया कुमारी ने बताया कि जिले के जिस क्षेत्र में डेंगू मरीज की पुष्टि होगी, वहां तत्काल मालाथियोन दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराई जाएगी. निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को भी निर्देश दिया गया है कि डेंगू मरीज मिलने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें.

उन्होंने बताया कि डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है. शहरी क्षेत्रों में लार्वा नियंत्रण के लिए नगर परिषद को टेमिफॉस दवा के छिड़काव का निर्देश दिया गया है.

डेंगू के लक्षण और बचाव

विशेषज्ञों के अनुसार संक्रमित मच्छर के काटने के तीन से पांच दिन बाद डेंगू के लक्षण दिखाई देते हैं, जबकि कुछ मामलों में सात से दस दिन भी लग सकते हैं. डेंगू के गंभीर मामलों में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगते हैं, जिससे मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है.

डेंगू से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय

  • दिन में भी मच्छरदानी का उपयोग करें.
  • घर और आसपास पानी जमा न होने दें.
  • कूलर, गमले, टंकी और फूलदान का पानी नियमित बदलें.
  • जमे हुए पानी में केरोसिन या लार्वा नाशक दवा डालें.
  • पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें.
  • घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें.
  • मच्छरों से बचाव के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराएं.

क्या कहती हैं अधिकारी

जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल पदाधिकारी डॉ. गुड़िया कुमारी ने कहा कि जिले में डेंगू और चिकनगुनिया से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है. सभी स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. डेंगू जांच के लिए पर्याप्त टेस्ट किट उपलब्ध हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक प्रखंड में रैपिड रिस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है.


विज्ञापन
Devendra Gupt

लेखक के बारे में

By Devendra Gupt

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन