रामनरेश हत्याकांड: पटना में धराए दो आरोपितों से खुला राज, हाजीपुर में नहीं, इस जगह रची गयी थी हत्या की साजिश
ठेकेदार राम नरेश राय का फाइल फोटो | Prabhat Khabar Network
ठेकेदार रामनरेश राय हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पटना में आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार दो आरोपितों से पूछताछ में चौंकाने वाले सुराग मिले हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि हत्या की साजिश हाजीपुर में नहीं, बल्कि मुजफ्फरपुर में रची गई थी।
Contractor Ramnaresh Murder Case : हाजीपुर सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी इलाके में 13 अगस्त को हुए चर्चित ठेकेदार रामनरेश राय हत्याकांड की गुत्थी अब धीरे-धीरे सुलझने लगी है. पटना में आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार दो आरोपितों से पूछताछ के बाद वैशाली पुलिस को हत्याकांड से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं. पुलिस की शुरुआती और तकनीकी जांच में सामने आया है कि ठेकेदार की हत्या की साजिश हाजीपुर में नहीं, बल्कि मुजफ्फरपुर जिले में रची गई थी. पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश और मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए मिले इनपुट की कड़ियां जोड़ रही है.
आपके शहर में
धराए शूटरों को गोली चलाने की नहीं, मुख्य शुटर को पहुंचाने की थी जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार, पटना में आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार आदित्य और रमेश की भूमिका सीधे गोली चलाने की नहीं थी. दोनों को मुख्य शूटरों को मोटरसाइकिल से घटनास्थल तक पहुंचाने और वारदात के बाद उन्हें सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी. योजना के तहत दोनों को शूटरों के लिए बाइक उपलब्ध करानी थी और घटना के बाद उन्हें मौके से निकालना था.
पटना पुलिस ने आर्म्स एक्ट के मामले में दोनों को गिरफ्तार कर दानापुर थाना की पुलिस के हवाले किया था. पूछताछ के दौरान दोनों से हाजीपुर में हुए ठेकेदार हत्याकांड के संबंध में अहम जानकारी मिली. इसके बाद वैशाली पुलिस ने दोनों से पूछताछ शुरू की.
वैशाली पुलिस दानापुर थाने में घंटों की पूछताछ
आदित्य और रमेश के हत्याकांड से जुड़े होने की जानकारी मिलने के बाद वैशाली पुलिस की विशेष टीम बुधवार को दानापुर थाना पहुंची. वहां सदर थाना पुलिस की टीम ने दोनों आरोपितों से आमने-सामने बैठाकर कई घंटे तक पूछताछ की. पूछताछ में पुलिस को संदिग्धों के नाम, साजिश से जुड़े इनपुट और कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी मिलने की बात सामने आई है.
पुलिस अब इन सभी कड़ियों को जोड़कर हत्या की साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है. पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार दोनों आरोपितों से मिले इनपुट हत्याकांड के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में अहम साबित हो सकते हैं.
मॉर्निंग वॉक के दौरान गोलियों से भूनकर की गई थी हत्या
13 अगस्त की सुबह ठेकेदार रामनरेश राय रोज की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे. इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार चार अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. अपराधियों ने उन्हें संभलने तक का मौका नहीं दिया. शरीर में आधा दर्जन से अधिक गोलियां लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी.
मामले में मृतक की पत्नी ने सदर थाने में तीन नामजद और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपित सहदेव राय को गिरफ्तार कर लिया था.
पूरी साजिश का जल्द होगा खुलासा
सदर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि पटना पुलिस द्वारा गिरफ्तार आदित्य और रमेश से जो महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं, वे इस केस में गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं. पुलिस इन इनपुट के आधार पर आगे की जांच कर रही है. बहुत जल्द आरोपितों की पहचान कर पूरी साजिश का खुलासा कर दिया जाएगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By अभिषेक कुमार
अभिषेक कुमार 9 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. इनकी सबसे अच्छी पकड़ क्राइम और राजनीति की खबरों पर है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए