हाजीपुर.
पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन केंद्रीय होटल प्रबंधन संस्थान की ओर से स्वच्छता एक्शन प्लान के अंतर्गत बिहार के तीन प्रमुख ऐतिहासिक पर्यटन स्थल पर स्वच्छता एवं पर्यटन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. वैशाली के अशोक स्तंभ, सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर एवं पटना के गांधी घाट पर अभियान चलाया गया. कार्यक्रम के दौरान ढोल-नगाड़ों और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पर्यटकों, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को स्वच्छता का महत्व बताया गया. इस अवसर पर विभागाध्यक्ष सुमित चटर्जी ने कहा कि स्वच्छता आतिथ्य सत्कार की रीढ़ है और इस योजना के माध्यम से छात्र राष्ट्रीय विरासत के प्रति जिम्मेदार नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार हो रहे हैं. आईएचएम के प्राचार्य पुलक मंडल ने कहा कि स्वच्छता ही वास्तविक धन है और स्वच्छता में ही ईश्वर का वास होता है. कार्यक्रम के अंत में प्रकाश चंद्रा ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि अभियान के सफल आयोजन में सभी का भरपूर सहयोग मिला.कचरा प्रबंधन के तरीकों की दी जानकारी
नुक्कड़ नाटक के उपरांत तीनों स्थलों पर सघन स्वच्छता अभियान चलाया गया तथा कचरा प्रबंधन के बेहतर तरीकों की जानकारी दी गयी. इसके साथ ही प्रतिभागियों एवं तीर्थयात्रियों के बीच पर्यावरण अनुकूल (इको-फ्रेंडली) बैग का वितरण कर एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के बहिष्कार का संदेश दिया गया.कार्यक्रम के दौरान व्याख्याता नीरज कुमार ने कहा कि अशोक स्तंभ जैसी वैश्विक धरोहरों की स्वच्छता सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की स्वच्छ और स्वागत योग्य छवि प्रस्तुत करता है. सहायक प्रशासनिक अधिकारी मुर्तजा कमाल ने बताया कि यह पखवाड़ा आधारित अभियान है, जिसे 30 जनवरी, 13 फरवरी, 27 फरवरी और 13 मार्च को तीनों पर्यटन स्थलों पर दोहराया जायेगा. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पुजारी, दुकानदार, होटल कर्मचारी, ड्राइवर, पुलिसकर्मी सहित उन सभी लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पर्यटकों से जुड़े रहते हैं.
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