हाजीपुर: अरवल में सिविल सर्जन पर हमले के विरोध में महनार सीएचसी की ओपीडी ठप, बिना इलाज लौट रहे मरीज

Author Kaif ahmed|Edited by Sakshi Kumari
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महनार सामुदायिक केंद्र में ओपीडी बंद

Hajipur CHC OPD Strike : अरवल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन पर हुए हमले के विरोध में बिहार के डॉक्टर हड़ताल पर हैं. हाजीपुर के महनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं, जिससे इलाज के लिए आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. पर्ची कटना बंद होने और ओपीडी सेवा ठप रहने के कारण करीब 50 से अधिक मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा. हालांकि, इमरजेंसी सेवा जारी है.

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Hajipur CHC OPD Strike : अरवल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में बिहार भर के डॉक्टर हड़ताल पर हैं. बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (BHSA) के आह्वान पर बुधवार को हाजीपुर के महनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भी ओपीडी सेवा पूरी तरह ठप रही. इससे दूर-दराज से इलाज कराने पहुंचे दर्जनों मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और उन्हें निराश लौटना पड़ा.

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पर्ची कटना बंद होने से बिना दवा के लौटे मरीज

महनार सीएचसी में ओपीडी बंद होने के कारण पर्ची काटने का काम पूरी तरह से बाधित रहा. महनार के नौरंगपुर से इलाज कराने पहुंचे मो. शोएब ने बताया कि रजिस्ट्रेशन काउंटर से कोई पर्ची नहीं काटी जा रही है. वहीं, नगर के टांड़ा चौरी से बुखार का इलाज कराने आए मंजय कुमार को भी बिना दवा लिए घर लौटना पड़ा. अस्पताल पहुंचने पर ही उन्हें डॉक्टरों की इस हड़ताल की जानकारी मिली.

पचास से अधिक मरीजों को वापस लौटना पड़ा

ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर तैनात कर्मी नीरज कुमार ने अस्पताल के हालात की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वरीय अधिकारियों के स्पष्ट निर्देश पर रजिस्ट्रेशन का कार्य बंद रखा गया है. चिकित्सकों के हड़ताल पर चले जाने के कारण बुधवार को लगभग 50 से अधिक मरीजों को बिना इलाज के ही वापस जाना पड़ा. इस दौरान मरीजों की भारी भीड़ अस्पताल परिसर में भटकती नजर आई.

आपातकालीन स्थिति में चालू है इमरजेंसी सेवा

महनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पूनम सिन्हा ने इस हड़ताल की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर एक दिवसीय ओपीडी का बहिष्कार किया है. हालांकि, राहत की बात यह है कि मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए इमरजेंसी सेवा पूरी तरह चालू है. यहां डॉ. हर्षवर्धन सहित अन्य चिकित्सक तैनात हैं और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार उपलब्ध करा रहे हैं.

डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर आगे की रणनीति

चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है. संघ के सदस्यों का स्पष्ट कहना है कि यदि उनकी सुरक्षा जल्द सुनिश्चित नहीं की गई, तो आगे भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं. फिलहाल ओपीडी सेवाएं बाधित होने से स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास में जुटे हुए हैं.

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