हाजीपुर में बाढ़ के बीच राहत का कितना इंतजाम? डीएम से लेकर नेताओं तक, जानें कौन क्या कर रहा

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सांकेतिक तस्वीर.

Vaishali Flood: वैशाली जिले में गंगा और गंडक नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की गंभीर स्थिति पैदा कर दी है. 81 गांव प्रभावित हैं, और प्रशासन राहत व बचाव कार्यों में जुटा है. डीएम वर्षा सिंह ने खुद मोटरबोट से बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा कर जायजा लिया, जबकि चिराग पासवान, पप्पू यादव और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं ने भी पीड़ितों को राहत सामग्री पहुंचाई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं.

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Vaishali Flood: गंगा और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से वैशाली जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है. जिले के छह प्रखंडों की 28 पंचायतों के 81 गांव बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं. हाजीपुर, राघोपुर, बिदुपुर, महनार, सहदेई और देसरी के प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है. वहीं, हाजीपुर-महनार रोड के एसएच-122 बी समेत कई सड़कों पर पानी पहुंचने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है.

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मोटरबोट से बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचीं डीएम

वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया. वह मोटरबोट से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचीं और लोगों की समस्याएं सुनीं. डीएम ने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने, जरूरतमंद लोगों तक भोजन और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाने तथा नाव की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

वैशाली जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार वर्षा सिंह जिले की जिलाधिकारी हैं.

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81 गांवों में बढ़ी परेशानी, सड़कें भी प्रभावित

गंगा और गंडक के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि से जिले के तटवर्ती और दियारा इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. राघोपुर में स्थिति विशेष रूप से गंभीर बतायी जा रही है. हाजीपुर-महनार रोड के एसएच-122 बी पर भी पानी पहुंचने की रिपोर्ट सामने आयी है.

बाढ़ के कारण घरों से निकलने, बाजार तक पहुंचने और जरूरी सामान लाने में लोगों को परेशानी हो रही है. ऐसे में नाव, भोजन, पेयजल और सुरक्षित ठिकाने की जरूरत लगातार बढ़ रही है.

राहत शिविर और सामुदायिक रसोई पर प्रशासन का जोर

बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत शिविरों की व्यवस्था की गयी है. प्रशासन की ओर से सामुदायिक रसोई चलाने और प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है. डीएम ने राहत कार्यों की निगरानी करते हुए सामुदायिक रसोई और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था को लेकर भी निर्देश दिए हैं.

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चिराग पासवान राघोपुर पहुंचे, पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री

बाढ़ की स्थिति के बीच केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान भी राघोपुर पहुंचे. उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की, राहत सामग्री बांटी और भोजन भी परोसा. उनके दौरे के दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याओं की जानकारी ली गयी.

राघोपुर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का विधानसभा क्षेत्र भी है. बाढ़ के कारण यहां बड़ी संख्या में लोगों के विस्थापित होने की स्थिति सामने आयी है.

पप्पू यादव भी पहुंचे राघोपुर, बांटी आर्थिक सहायता

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी शनिवार को बाढ़ प्रभावित राघोपुर पहुंचे. वह ट्रैक्टर से प्रभावित इलाकों तक पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री के साथ आर्थिक सहायता भी बांटी.

उनके दौरे में लोगों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानने और तत्काल मदद पहुंचाने पर जोर रहा.

तेजस्वी यादव की भूमिका पर भी लोगों की नजर

राघोपुर विधानसभा क्षेत्र नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का क्षेत्र है. बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों की नजर अपने जनप्रतिनिधि की ओर भी है. तेजस्वी यादव की ओर से भी बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया है. इसके अलावा आरजेडी कार्यकर्ता भी प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरतमंद लोगों की मदद में जुटे हैं. बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए पार्टी स्तर पर भी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया गया है.

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी लगातार कर रहे मॉनिटरिंग

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में बाढ़ की स्थिति को लेकर अधिकारियों को लगातार निगरानी और राहत-बचाव कार्य तेज रखने के निर्देश दिए हैं. 5 सितंबर को उन्होंने भागलपुर और नौगछिया समेत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की. इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक समय पर राहत सामग्री पहुंचाने और संवेदनशील तटबंधों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने बक्सर से भागलपुर तक गंगा के तटबंधों पर लगातार नजर रखने, राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई में भोजन की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर तत्काल सहायता देने पर जोर दिया है.

फोटो - डीआरसीसी जाने वाली सड़क पर बाढ़ का पानी | Prabhat Khabar Network

700 के करीब सरकारी नावें और NDRF-SDRF की टीमें तैनात

राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए बड़ी संख्या में संसाधन लगाए हैं. उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार करीब 700 सरकारी नावें राहत एवं बचाव कार्य में लगायी गयी हैं. इसके अलावा छह NDRF और 27 SDRF टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं. वैशाली भी प्रभावित जिलों में शामिल है.

राहत के साथ पशुओं के लिए भी व्यवस्था

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सिर्फ भोजन और आश्रय ही नहीं, बल्कि पशुओं के चारे और इलाज की व्यवस्था पर भी प्रशासन का जोर है. डीएम ने प्रभावित इलाकों में पशु चारा उपलब्ध कराने और पशुओं के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

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हाजीपुर में सबसे बड़ी चुनौती नाव, भोजन और सुरक्षित ठिकाने की

गंगा और गंडक के जलस्तर में वृद्धि से दियारा और नदी किनारे के इलाकों में रहने वाले परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की है. कई जगह सड़कों पर पानी पहुंचने से सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ है. ऐसे में प्रशासन के सामने नावों की उपलब्धता, राहत सामग्री, पेयजल, भोजन और आश्रय स्थल तक लोगों को पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है.

फिलहाल जिला प्रशासन का फोकस प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने पर है. वहीं, जनप्रतिनिधियों के दौरे और राहत गतिविधियों से भी प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचाने की कोशिश जारी है.

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