“गंगा ने छुआ 50 साल का रिकॉर्ड, वैशाली में बाढ़ के खतरे के बीच रातभर जागता रहा प्रशासन”

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हसनपुर तीनमुहानी स्थित डोवेल बांध में पानी के रिसाव का निरीक्षण करते एसडीओ अंकित कुमार, बीडीओ मुकेश कुमार एवं जलसंसाधन विभाग के अधिकारी.

गंगा नदी ने पिछले 50 सालों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए उच्चतम स्तर को छुआ है. इस अभूतपूर्व स्थिति के कारण महनार अनुमंडल प्रशासन रातभर हाई अलर्ट पर रहा. अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों और तटबंधों का गहन निरीक्षण किया.

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Ganga river water level: गंगा नदी का जलस्तर पिछले 50 वर्षों के सर्वाधिक उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद महनार अनुमंडल प्रशासन पूरी रात हाई अलर्ट पर रहा. शनिवार देर रात से रविवार अहले सुबह तक एसडीओ अंकित कुमार और बीडीओ मुकेश कुमार ने संयुक्त रूप से विभिन्न संवेदनशील इलाकों और तटबंधों का निरीक्षण किया.

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प्रशासनिक टीम ने डोवेल तटबंध, हटवा बांध समेत कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. इसी दौरान महनार अनुमंडल कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम को ग्रामीणों से हसनपुर तीनमुहानी के पास डोवेल बांध में गंगा के पानी के रिसाव की सूचना मिली. सूचना मिलते ही एसडीओ और बीडीओ मौके पर पहुंच गये.

डोवेल बांध में रिसाव की सूचना से मचा हड़कंप

हसनपुर तीनमुहानी पहुंचने के बाद अधिकारियों ने जलसंसाधन विभाग के सहायक अभियंता पंकज कुमार तथा कनीय अभियंता अमरेन्द्र कुमार और विक्की कुमार से मौके की स्थिति की जानकारी ली. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ ने तत्काल वहां पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी.

वहीं, जलसंसाधन विभाग की टीम ने देर रात से ही बांध में हो रहे पानी के रिसाव को नियंत्रित करने के लिए बचाव कार्य शुरू कर दिया. विभागीय कर्मी रातभर मौके पर डटे रहे और रिसाव को रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम करते रहे.

वरीय अधिकारी रात में ही पहुंचे मौके पर

डोवेल बांध में रिसाव की जानकारी मिलते ही जलसंसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता समेत अन्य वरीय अधिकारी भी रात में हसनपुर तीनमुहानी पहुंच गये. अधिकारियों ने मौके पर चल रहे बचाव कार्य का निरीक्षण किया और स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए वहीं कैंप किया.

प्रशासन और जलसंसाधन विभाग की टीम ने संभावित खतरे को देखते हुए बांध की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी. रातभर चलाये गये बचाव कार्य के दौरान विभागीय कर्मियों को मौके पर तैनात रखा गया.

गांव-गांव पहुंचकर प्रशासन ने परखी बाढ़ की स्थिति

एसडीओ और बीडीओ ने हसनपुर उत्तरी, हसनपुर दक्षिणी और अल्लीपुर हट्टा पंचायतों में पहुंचकर बाढ़ के पानी की स्थिति का जायजा लिया. इसके बाद देर रात हटवा बांध का भी निरीक्षण किया गया.

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों से बिजली आपूर्ति बाधित रहने की शिकायत की. ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया.

  हसनपुर तीनमुहानी स्थित डोवेल बांध में पानी के रिसाव का निरीक्षण करते एसडीओ अंकित कुमार, बीडीओ मुकेश कुमार एवं जलसंसाधन विभाग के अधिकारी. | Prabhat Khabar Network

बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क के बाद बहाल हुई आपूर्ति

बताया गया कि एसडीओ और बीडीओ ने मौके से बिजली विभाग के सहायक अभियंता और कनीय अभियंता से कई बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों अधिकारियों ने फोन रिसीव नहीं किया.

इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यपालक अभियंता से संपर्क किया. कार्यपालक अभियंता से बात होने के बाद संबंधित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करायी गयी.

शहर के कई इलाकों में भी पहुंचा बाढ़ का पानी

हटवा बांध के निरीक्षण के बाद प्रशासनिक टीम ने महनार शहर के कई इलाकों का जायजा लिया. टीम ने सतिहारा मंदिर, चकेशो नगर परिषद सीमा, नगर परिषद वार्ड 27 और देशराजपुर नगर परिषद वार्ड 21 में बाढ़ की स्थिति देखी.

इसके अलावा फकीरा चौक से देशराजपुर ब्रह्मस्थान तक सड़क पर बह रहे बाढ़ के पानी का भी निरीक्षण किया गया. नगर परिषद वार्ड 20 फतेहपुर कमाली और वार्ड 19 में भी अधिकारियों ने पहुंचकर जलजमाव और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया.

  हसनपुर तीनमुहानी स्थित डोवेल बांध में पानी के रिसाव का निरीक्षण करते एसडीओ अंकित कुमार, बीडीओ मुकेश कुमार एवं जलसंसाधन विभाग के अधिकारी. | Prabhat Khabar Network

जंगलिया टोला में टैंकर से पहुंचाया जा रहा पेयजल

एसडीओ अंकित कुमार ने कहा कि प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जहां जैसी जरूरत सामने आ रही है, वहां तत्काल आवश्यक व्यवस्था करायी जा रही है.

देशराजपुर जंगलिया टोला में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति करायी जा रही है. इससे बाढ़ प्रभावित लोगों को पेयजल की समस्या से राहत देने का प्रयास किया जा रहा है.

बिजली लाइटों को कराया गया दुरुस्त

एसडीओ ने बताया कि सड़क किनारे लगी बिजली की लाइटों को भी ठीक कराया गया है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को रात के समय आवागमन में परेशानी नहीं हो.

प्रशासन गंगा नदी के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है. संवेदनशील तटबंधों और प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गयी है. अधिकारियों का कहना है कि स्थिति के अनुसार राहत और बचाव से जुड़ी आवश्यक कार्रवाई तत्काल की जायेगी.

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