गोपालगंज: भवन बन गए, लेकिन रास्ता नहीं; खेतों की पगडंडियों से स्कूल पहुंचने को मजबूर बच्चे

Author Suresh rai|Edited by Vikash Jha
Updated:
विज्ञापन
भवन तो बन गए, पर रास्ता भूल गया विभाग! खेतों की कीचड़ और पगडंडियों के सहारे स्कूल जाने को मजबूर हैं बच्चे

स्कूल का रास्ता का दृश्य | Prabhat Khabar Network

गोपालगंज के भोरे प्रखंड में सरकारी स्कूलों की बदहाल तस्वीर सामने आई है, जहाँ लाखों की लागत से बने भवनों तक पहुँचने के लिए आज तक सड़क नहीं बनाई गई है. बच्चे और शिक्षक खेतों की पगडंडियों से जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुँच रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

विज्ञापन

Gopalganj News: गोपालगंज जिले के भोरे प्रखंड में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की एक बेहद हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है. सरकार एक तरफ जहां हर गांव को पक्की सड़क से जोड़ने और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का बड़ा दावा कर रही है, वहीं प्रखंड में दो सरकारी प्राथमिक विद्यालयों के आलीशान भवन तो लाखों रुपये की भारी लागत से खड़े कर दिए गये हैं, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए आज तक कोई संपर्क मार्ग यानी पक्की सड़क नहीं बनाई गई. रास्ता न होने के कारण मासूम बच्चों की पढ़ाई और शिक्षकों का आवागमन पूरी तरह भगवान भरोसे चल रहा है.

प्रशासनिक उपेक्षा के शिकार स्कूल

गोपालगंज के भोरे प्रखंड की दो अलग-अलग पंचायतों में बने ये स्कूल आज पूरी तरह से प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हैं. इसमें पहला चकरवा खास पंचायत के हरिहरपुर में स्थित प्राथमिक विद्यालय है. इस विद्यालय के पास अपना पक्का और भव्य भवन तो है, लेकिन मुख्य मार्ग से स्कूल तक आने-जाने का कोई रास्ता नहीं है. इसी तरह कोरेया पंचायत के परसही में स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय की स्थिति भी जस की तस बनी हुई है. यहां भी भवन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शिक्षा विभाग मुख्य संपर्क सड़क बनाना पूरी तरह भूल गया.

पगडंडियों के सहारे पहुंचे छात्र

गोपालगंज के इन दोनों स्कूलों में वर्तमान समय में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और अभिभावक रोजाना खेतों के बीच से होकर गुजरी संकरी, दलदली और उबड़-खाबड़ पगडंडियों के सहारे जैसे-तैसे जान जोखिम में डालकर विद्यालय पहुंचते हैं. स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, आम दिनों में तो बच्चे किसी तरह खेतों की सूखी मेड़ से होकर स्कूल चले जाते हैं, लेकिन असली आफत बरसात के मौसम में आती है. मॉनसून के दिनों में खेतों के बीच बनी यह पगडंडी पूरी तरह कीचड़ और भारी जलजमाव की चपेट में आ जाती है.

जमीन के अभाव में पेंच

गोपालगंज के इन प्रभावित इलाकों में कीचड़ में फिसलकर चोटिल होने के डर से कई अभिभावक बरसात के दिनों में अपने मासूम बच्चों को स्कूल भेजना ही बंद कर देते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान होता है. वहीं इस गंभीर सम्बंध में शिक्षा विभाग का कहना है कि रास्ते के निर्माण के लिए स्थानीय अंचल कार्यालय को कई बार आधिकारिक पत्र लिखा गया है. लेकिन ग्रामीण इलाकों में उपयुक्त जमीन के अभाव में रास्ता नहीं बन पाया है, जिसे जल्द सुलझाने का प्रयास जारी है.

Also Read: गोपालगंज में सफाई कर्मियों से मारपीट के बाद काम बंद, शहर में बढ़ी गंदगी की चिंता


विज्ञापन
Suresh Rai

लेखक के बारे में

By Suresh Rai

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन