Gopalganj News : गोपालगंज में उद्घाटन से पहले ही दरक गया 37 करोड़ की लागत से बना मॉडल सदर अस्पताल
Published by : GURUDUTT NATH Updated At : 27 May 2025 9:55 PM
Gopalganj News : गोपालगंज के मॉडल सदर अस्पताल के नये भवन की दीवारें उद्घाटन से पहले ही दरकने लगी हैं. करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए इस अस्पताल भवन में कई स्थानों पर दरारें आ गयी हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.
गोपालगंज. गोपालगंज के मॉडल सदर अस्पताल के नये भवन की दीवारें उद्घाटन से पहले ही दरकने लगी हैं. करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए इस अस्पताल भवन में कई स्थानों पर दरारें आ गयी हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं तस्वीरें
भवन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और आम लोगों से लेकर जनप्रतिनिधि तक निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं. इस भवन का निर्माण बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआइसीएल) के टेंडर से कराया गया था. निर्माण कार्य दिसंबर 2023 में शुरू हुआ था. इसका उद्घाटन 15 जून को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा प्रस्तावित है. लेकिन उद्घाटन से पहले ही दीवारों में आयीं दरारों ने निर्माण एजेंसी की कार्यशैली और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. स्थानीय लोगों ने भवन में आयीं दरारों की तस्वीरें बिहार सरकार को भेजकर कंस्ट्रक्शन कंपनी पर कार्रवाई की मांग की है. हैरानी की बात यह है कि निर्माण एजेंसी ने दरारें छुपाने के लिए आनन-फानन में सफेद टेप लगाकर मरम्मत करने की कोशिश शुरू कर दी है.
सांसद ने पहले ही उठायी थी जांच की मांग, अफसरों ने की अनदेखी
गोपालगंज के सांसद डॉ आलोक कुमार सुमन ने पहले ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर जांच की मांग की थी. उन्होंने सिविल सर्जन, उपाधीक्षक और अस्पताल प्रबंधक को फटकार लगाते हुए भवन निर्माण में लापरवाही और मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया था. सांसद ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच और गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांग की थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते निर्माण कार्य जैसे-तैसे पूरा कर दिया गया.भवन की खामियां उजागर, हो सकती है बड़ी दुर्घटना
अब जब उद्घाटन की तैयारियां चल रही हैं, तब भवन की खामियां उजागर हो रही हैं. लोगों का कहना है कि अगर उद्घाटन के बाद मरीजों का इलाज शुरू हो जाता और फिर ये दरारें सामने आतीं, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी. फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आयी है, जिससे नाराजगी और भी बढ़ गयी है.करायी जायेगी जांच : सिविल सर्जन
सीएस डॉ बीरेंद्र प्रसाद ने इस संबंध में कहा कि हम फिलहाल अवकाश पर हैं. भवन में किस प्रकार की दरारें आयी हैं, इसकी विस्तृत जांच हमारी वापसी के तुरंत बाद की जायेगी. निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसी की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जायेगी. निर्माण में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पायी गयी, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जायेगी. किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










