Gopalganj News : 11 माह में कृषि यंत्रों की 3.5 करोड़ सब्सिडी ही खर्च कर सका विभाग, अभी एक करोड़ से अधिक बाकी

Updated at : 04 Mar 2025 10:25 PM (IST)
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Gopalganj News  : 11 माह में कृषि यंत्रों की 3.5 करोड़ सब्सिडी ही खर्च कर सका विभाग, अभी एक करोड़ से अधिक बाकी

Gopalganj News : कृषि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के किसानों के लिए कृषि यंत्रों की खरीदारी पर साढ़े चार करोड़ रुपये सब्सिडी करने का लक्ष्य दिया है.

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गोपालगंज. कृषि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के किसानों के लिए कृषि यंत्रों की खरीदारी पर साढ़े चार करोड़ रुपये सब्सिडी करने का लक्ष्य दिया है. वित्तीय वर्ष खत्म होने में महज एक माह बाकी है. वर्ष के 11 माह में विभाग यांत्रिकीकरण पर साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च कर सका है. लक्ष्य को पूरा करने के लिए मार्च के अंत तक बाकी के एक करोड़ रुपये खर्च करने की चुनौती है.

जल्द ही लगेगा दूसरा कृषि यांत्रिकीकरण मेला

हाल ही में आयोजित हुए किसान मेले में भी अनुदानित दर पर यंत्रों की बिक्री काफी कम हुई. हालांकि विभाग का दावा है कि इस महीने जल्द ही कृषि यांत्रिकीकरण मेला लगने वाला है, जिसमें लक्ष्य को पूरा किया जायेगा. कृषि यांत्रिकीकरण के लिए बिहार सरकार की ओर से चलायी जाने वाली योजना में दो करोड़ 14 लाख सब्सिडी पर खर्च कर 1743 किसानों को यंत्र देने लक्ष्य रखा गया था.

लॉटरी के माध्यम से कुल 1648 किसानों का आवेदन हुआ था स्वीकृत

पूरे साल में लॉटरी के माध्यम से कुल 1648 किसानों का आवेदन स्वीकृत हुआ, जिन्होंने 75 अलग- अलग प्रकार के यंत्रों की खरीदारी की. इस खरीदारी पर विभाग ने कुल एक करोड़ 80 लाख रुपये खर्च किये. 34 लाख खर्च करना अभी बाकी है. उधर यांत्रिकीकरण के लिए केंद्र सरकार की योजना स्माम (सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर मेकेनाइजेशन) के लिए जिले को दो करोड़ एक लाख का लक्ष्य मिला था, जिसमें से अभी 261 किसानों को लाभ मिला, जिनकी खरीदारी पर एक करोड़ 25 लाख 64 हजार सब्सिडी के रूप में खर्च हुए. इसमें अभी 75 लाख रुपये खर्च होने बाकी है.

कस्टम हायरिंग सेंटर तथा कृषि यंत्र बैंक का लक्ष्य पूरा

विभाग की योजना के तहत किसानों को भाड़े पर कृषि यंत्र प्रदान करने के लिये कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की जानी है. इसके लिए इस वित्तीय वर्ष सात सेंटर स्थापना का लक्ष्य है. इस लक्ष्य को विभाग की ओर से पूरा कर लिया गया है. एक सेंटर के लिए चार लाख रुपया आवंटित किया गया है. इस प्रकार जिले भर में 28 लाख की खर्च से सात सेंटर की स्थापना की जा रही है. वहीं किसानों के समूह के लिए कृषि यंत्र बैंक की स्थापना की जानी है. जिले में दो बैंक की स्थापना का लक्ष्य था, जो पूरा हो गया है. कटेया तथा कुचायकोट में एक- एक कृषि यंत्र बैंक स्थापित किया जायेगा.

75 प्रकार के यंत्रों पर मिलता है अनुदान

केंद्र या राज्य सरकार की यांत्रिकीकरण योजना के तहत किसान खेती के लिए 75 प्रकार के यंत्रों की खरीदारी कर सकते हैं. इसमें गेहूं, थ्रेशर, स्ट्रा रीपर, रीप कम बाइंडर, कल्टीवेटर, लेवलर, मिनी राइस मिल, मिनी तेल मिल, मिनी आटा तिल, खुरपी, कुदाल, हंसिया, हार्वेस्टर आदि शामिल हैं.

क्या कहते हैं अधिकारी

यांत्रिकीकरण योजना के लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है. एक से तीन मार्च तक आयोजित किसान मेले में भी किसानों ने अनुदानित दर पर यंत्रों की खरीदारी की है. जल्द ही एक और कृषि यंत्र मेला लगेगा, जहां किसानों को अनुदानित दर पर कृषि यंत्र मिलेंगे.

ललन कुमार सुमन, जिला कृषि पदाधिकारी

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