गोपालगंज: नेपाल में बारिश थमी तो घटी गंडक, डेंजर लेवल से 45 सेमी नीचे पहुंचा जलस्तर

नदी के स्थिति को समझते जल संसाधन विभाग के अभियंता
नेपाल में बारिश रुकने के बाद गंडक नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है. वाल्मीकिनगर बराज से डिस्चार्ज कम होने से तटीय इलाकों को राहत मिली है. हालांकि, इंजीनियरों की विशेष निगरानी जारी है.
Gopalganj News: नेपाल के तराई क्षेत्रों में बारिश थमने के साथ ही गंडक नदी का जलस्तर तेजी से घटने लगा है. वाल्मीकिनगर बराज से शनिवार को अधिकतम डिस्चार्ज गंडक नदी में 69,200 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो पिछले दिनों की तुलना में काफी कम है. विशंभरपुर में गंडक नदी का जलस्तर शुक्रवार को खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर नीचे था, जो शनिवार को और घटकर 45 सेंटीमीटर नीचे चला गया है. इससे तटीय इलाकों के लोगों ने फिलहाल राहत की सांस ली है.
इंजीनियरों ने बढ़ाई विशेष निगरानी
नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर और पानी के दबाव के बीच जलसंसाधन विभाग के इंजीनियरों ने सभी संवेदनशील बिंदुओं पर चौबीसों घंटे निगरानी बढ़ा दी है. शनिवार को सदर एसडीओ अनिल कुमार ने खुद मांझा प्रखंड के भैसहीं तटबंध का स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने बाढ़ पूर्व की गई सभी तैयारियों, तटबंध की सुरक्षा व्यवस्था एवं रखरखाव कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से समय रहते निपटा जा सके.
रेनकट दुरुस्त करने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने मुख्य तटबंध पर कई जगहों पर मिट्टी धंसने (रेनकट) की समस्या को देखा, जिसे तुरंत रिपेयर करने का सख्त आदेश दिया. इसके साथ ही उन्होंने बांध पर चढ़ने वाले संपर्क मार्ग को और चौड़ा बनाने की जरूरत पर बल दिया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तटबंध की नियमित पेट्रोलिंग करने तथा किसी भी प्रकार की मामूली क्षति की सूचना तत्काल जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
दियारा में मंडराया बाढ़ का खतरा
भले ही नदी का जलस्तर अभी नियंत्रण में है, लेकिन आसमान में लगातार उमड़ते-घुमड़ते काले बादलों को देखकर दियारा इलाके के ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं. स्थानीय लोगों की नजरें चौबीसों घंटे नदी के बदलते मिजाज और जल संसाधन विभाग की तैयारियों पर टिकी हुई हैं. निचले इलाकों में रहने वाले लोग संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए ऊंचे स्थानों पर जाने की प्राथमिक तैयारियों में जुट गए हैं.
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