बिहार में जंगलराज का हो चुका है आगाज: मोदी
बिहार में जंगलराज का हो चुका है आगाज: मोदी- लालू प्रसाद से नीतीश कुमार के हाथ मिलाने के बाद बुलंद हो गए हैं अपराधियों के हौसले संवाददातापटना . पूर्व मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा है कि भाजपा से गंठबंधन टूटने के बाद के 26 महीनों में जिस तरह से बिहार में अपराध का ग्राफ बढ़ा […]
बिहार में जंगलराज का हो चुका है आगाज: मोदी- लालू प्रसाद से नीतीश कुमार के हाथ मिलाने के बाद बुलंद हो गए हैं अपराधियों के हौसले संवाददातापटना . पूर्व मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा है कि भाजपा से गंठबंधन टूटने के बाद के 26 महीनों में जिस तरह से बिहार में अपराध का ग्राफ बढ़ा है, उससे आमलोगों में भय व दहशत है. राजधानी पटना के हाई सिक्योरिटी जोन कहे जाने वाले छज्जूबाग इलाके में रात्रि में जिस दुस्साहस का परिचय देते हुए अपराधियों ने फुलवारीशरीफ के एएसपी और उसके बॉडीगार्ड को गोली मारी इससे स्पष्ट है कि जंगल राज का आगाज हो चुका है. एक पखवारा पहले नालंदा के नगरनौसा में अपराधियों ने वहां के थाना प्रभारी की गोली मार कर हत्या कर दी थी. कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री के गृहजिला नालंदा में ही एक स्कूल संचालक की उग्र भीड़ ने पुलिस के सामने पीट–पीट कर हत्या कर दी. लालू प्रसाद से नीतीश कुमार के हाथ मिलाने के बाद अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं. कब का खत्म हो चुका है कानून का राज श्री मोदी ने कहा कि 10 दिन पहले सीतामढ़ी में पत्रकार की गोली मार कर की गई हत्या, पिछले महीने पटना में भाजपा नेता की सरेआम खदेड़ कर हुई हत्या, डकैती, लूट व बलात्कार की बढ़ती घटनाओं के बावजूद नीतीश कुमार यह मानने के लिए तैयार नहीं है कि उनका कानून का राज कब का खत्म हो चुका है. भाजपा के सरकार से अलग होने के बाद अपराध नियंत्रण और कानून का राज स्थापित करने को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के तमाम दावे लफ्फाजी साबित हुए हैं. नीतीश कुमार बतायें कि भाजपा से गठबंधन टूटने के बाद अपराधियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल की गति क्यों थम गई. प्रदेश में 2005 की तुलना में संज्ञेय अपराधों में 2014 में करीब दोगुना वृद्धि हुई. हत्या की घटनाएं भी 2005 में जहां 3423 थी वहीं में 2013 में बढ़ कर 3441 हो गईं. 2005 में बलात्कार की 973 घटनाएं दर्ज हुई थी जबकि 2013 में 1128 और 2014 में 1127 घटनाएं प्रतिवेदित हुई. सड़क डकैती की घटनाएं भी 2005 की 224 की तुलना में 2014 में बढ़कर 264 हो गई. भाजपा नेता ने कहा कि अपनी गद्दी बचाने के लिए नीतीश कुमार लालू प्रसाद से हाथ मिला कर बिहार में एक बार फिर जंगल राज कायम करने की कोशिश में जुट गए हैं. इसी का नतीजा है कि पुलिस के आला अधिकारी भी नीतीश कुमार की नाक के नीचे पटना में भी सुरक्षित नहीं है. लालू प्रसाद के साथ रह कर कतई वे कानून का राज कायम नहीं कर सकते हैं. बिहार की जनता को भरमाने की उनकी कोई भी कोशिश सफल नहीं होने वाली है. जनता तय कर चुकी है कि किसी भी कीमत पर वह पुराने दिनों को वापस नहीं आने देने वाली है.
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