रिजेक्टेड वेराइटी गन्ने का नहीं हुआ भुगतान, सबसे खराब स्थिति से गुजर रहे सासामुसा चीनी मिल के किसान

Updated at : 01 Mar 2019 6:33 AM (IST)
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रिजेक्टेड वेराइटी गन्ने का नहीं हुआ भुगतान, सबसे खराब स्थिति से गुजर रहे सासामुसा चीनी मिल के किसान

गोपालगंज : शादी-विवाह व इलाज, जरूरी कार्यों के लिए भी किसान चीनी मिल में टकटकी लगाये हुए हैं. किसानों के बकाये मूल्यों का भुगतान नहीं मिलने के कारण उनमें मायूसी छायी हुई है. सिधवलिया चीनी मिल ने रिजेक्टेड वेराइटी के गन्ना किसानों को अब तक भुगतान नहीं दिया है. इसके कारण आक्रोशित किसानों ने बुधवार […]

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गोपालगंज : शादी-विवाह व इलाज, जरूरी कार्यों के लिए भी किसान चीनी मिल में टकटकी लगाये हुए हैं. किसानों के बकाये मूल्यों का भुगतान नहीं मिलने के कारण उनमें मायूसी छायी हुई है. सिधवलिया चीनी मिल ने रिजेक्टेड वेराइटी के गन्ना किसानों को अब तक भुगतान नहीं दिया है. इसके कारण आक्रोशित किसानों ने बुधवार को आंदोलन किया. सिधवलिया चीनी मिल के मामले में एसडीओ वर्षा सिंह ने किसानों के शिकायत पर मिल प्रबंधन से बात कर रिजेक्टेड वेराइटी के गन्ना का भुगतान करने का आदेश दिया है.
एसडीओ की पहल पर किसानों को उम्मीद जगी है. जबकि चीनी मिल का कहना था कि रिजेक्टेड वेराइटी का भुगतान इसलिए नहीं किया गया, ताकि किसान अपने खेत में रिजेक्टेड वेराइटी की बोआई अब न करें. सिधवलिया चीनी मिल 73 फीसदी गन्ना का क्रय कर चुकी है. इस बार जिले में चीनी मिलों ने राज्य में सर्वाधिक गन्ना की खरीद की है.
सासामुसा चीनी मिल के किसान सर्वाधिक परेशान : इससे भी खराब स्थिति सासामुसा चीनी मिल की बनी हुई हैं. सासामुसा चीनी मिल के किसानों को उम्मीद है कि चीनी मिल चलेगा तो आज नहीं तो कल भुगतान होगा. सासामुसा चीनी मिल के भुगतान की स्थिति पर नजर डाले तो चीनी मिल को गन्ना आयुक्त ने इस शर्त पर सील किये गये चीनी को बेचने का आदेश दिया गया कि बेची गयी चीनी का 40 फीसदी किसानों को भुगतान किया जाये.
चीनी मिल के स्टॉक में 27140 क्विंटल चीनी था. चीनी मिल ने इस वर्ष का 14 दिसंबर से चीनी मिल की पेराई शुरू हुई. जबकि, पिछले ही वर्ष का 11.35 करोड़ का बकाया है. किसान भुगतान नहीं मिलने के कारण परेशान हो उठे है, लेकिन अपना जुबान नहीं खोल रहे.
रिजेक्टेड वेराइटी पर प्रशासन भी गंभीर
डीएम अनिमेष कुमार पराशर ने चीनी मिलों को आदेश दिया था कि अपने आरक्षित क्षेत्र के किसानों को फ्री में पर्ची उनके पास अगर निम्न वेराइटी का गन्ना है तो तत्काल प्रभाव से उसे मिल में आपूर्ति कराएं. डीएम का उद्देश्य था कि किसान रिजेक्टेड वेराइटी के गन्ना से खेत खाली कराकर उसके उत्तम प्रभेद का गन्ना लगा सकेंगे.
किसानों का भुगतान कराना प्राथमिकता
डीएम अनिमेष कुमार पराशर ने बताया कि चीनी मिल की पेराई व किसानों को भुगतान कराना प्राथमिकता है. किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए चीनी मिल को निर्देशित किया गया है कि वे गन्ना बिना चालान का खरीदे, ताकि किसान अपने गन्ना की आपूर्ति कर उसका भुगतान ले सके.
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