बिहार के इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में लड़कियों को 33 प्रतिशत आरक्षण अभी नहीं, जानें कहां फंसा पेंच

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बिहार के इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में लड़कियों को 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए अभी इंतजार करना होगा. पर्षद के ओएसडी सिन्हा ने कहा कि अगर सरकार का आदेश प्राप्त नहीं होता है, तो सत्र 2022-23 में इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया में लड़कियों को 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया जायेगा.

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पटना. बिहार के इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में लड़कियों को 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए अभी इंतजार करना होगा. इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए तैयारी जारी है. जेइइ का मेन पहला चरण 20 जून से होना है. जेइइ मेन के स्कोर के आधार पर ही राज्य के 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन होना है. लेकिन, अब तक इंजीनियरिंग व मेडिकल में एडमिशन कराने की जिम्मेदारी निभाने वाले बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीइसीइबी) को आरक्षण से संबंधित कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है.

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लड़कियों को 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया जायेगा

पर्षद के ओएसडी सिन्हा ने कहा कि अगर सरकार का आदेश प्राप्त नहीं होता है, तो सत्र 2022-23 में इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया में लड़कियों को 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया जायेगा. गौरतलब है कि राज्य सरकार ने बिहार के इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में 33 प्रतिशत सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित करने का फैसला लिया है. वहीं, अगर मेडिकल कॉलेजों में भी यह नियम वर्ष 2022 से लागू हो जायेगा, तो इन कॉलेजों में लड़कियों की संख्या 50 फीसदी से अधिक हो जायेगी.

स्टेट कोटे के तहत बिहार में एमबीबीएस की 1121 सीटें

स्टेट कोटे के तहत बिहार में एमबीबीएस की 1121 सीटें हैं. इसमें से 33 प्रतिशत सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित रहेंगी, तो 1121 सीटों में से करीब-करीब 373 सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित हो गयी हैं. 2021-22 सत्र में बिहार के सभी मेडिकल कॉलेजों में 30 से 35 प्रतिशत सीटों पर लड़कियों का एडमिशन हुआ था. इस आधार पर आरक्षण लागू होने के बाद यह संख्या 52 से 57 फीसदी तक हो जायेगी.

कॉलेजों में 40% से अधिक लड़कियों का होगा एडमिशन

नये सत्र 2022-23 से बिहार के 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में लड़कियों के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित होती हैं, तो लड़कियों की संख्या करीब 40 प्रतिशत हो जायेगी. अभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में लड़कियों की संख्या काफी कम है. सत्र 2021-22 में बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों में पांच से 10 प्रतिशत सीटों पर लड़कियों का एडमिशन हुआ है. लड़कियों के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहने से बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों में लड़कियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी. करीब 40 प्रतिशत से अधिक सीटों पर लड़कियों का एडमिशन होगा. अभी बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों में 9,365 सीटें हैं.

आरक्षण संबंधी कोई पत्र नहीं मिला

बीसीइसीइबी के ओएसडी अनिल कुमार सिन्हा ने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में लड़कियों के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने संबंधित सरकार से कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है. पत्र मिलने के बाद ही पर्षद एडमिशन में आरक्षण नियम लागू कर पायेगा. अगर आदेश प्राप्त नहीं होता है, तो सत्र 2022-23 में इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया में लड़कियों को 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया जायेगा.

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