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बिहार के तीन प्रमंडलों का बदला भूगोल, कंगन घाट और पहलेजा घाट अब पटना में, अधिसूचना जारी

सरकार की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी किये जाने के बाद सारण, वैशाली और पटना जिले के साथ पटना प्रमंडल, तिरहुत प्रमंडल तथा सारण प्रमंडल का भूगोल भी बदल गये हैं.

By Prabhat Khabar Print Desk
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नक्शा
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राजीव रंजन, छपरा (सदर). प्रशासनिक नियंत्रण और विधि व्यवस्था के बेहतर संचालन के लिए सारण जिले की 3212.18 एकड़ तथा वैशाली की 331.58 एकड़ जमीन को पटना जिले में शामिल कर दिया गया है.

इससे सारण के ऐतिहासिक कंगन घाट, जेपी सेतु, पहलेजा घाट आदि ऐतिहासिक स्थल अब पटना जिले का हिस्सा होंगे. बिहार सरकार की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी किये जाने के बाद सारण, वैशाली और पटना जिले के साथ पटना प्रमंडल, तिरहुत प्रमंडल तथा सारण प्रमंडल का भूगोल भी बदल गये हैं.

इस संबंध में प्रभात खबर ने 13 जनवरी, 2021 को सारण-वैशाली के समाहर्ता, सारण तथा तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त की सहमति दिये जाने के संबंध में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था. इसके कुछ दिनों बाद सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर सारण की जमीन को पटना जिले के प्रशासनिक क्षेत्राधिकार में स्थानांतरित करने का विरोध जताया था.

सारण-वैशाली के इन गांवों की जमीन शामिल

सामान्य प्रशासन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, सारण जिले के सोनपुर अंचल की मौजा सबलपुर, थाना संख्या 169, 170, मौजा पहलेजा, थाना नंबर 168 चादर संख्या दो एवं तीन के अंतर्गत स्थित टोपो लैंड भूमि का रकबा 3212.11 एकड़ (13005420 वर्ग मीटर) तथा वैशाली जिले के राघोपुर अंचल की मौजा सुकुमारपुर थाना संख्या 341 का रकबा, 101.84 एकड़ रैयती भूमि व 230.74 एकड़ सरकारी भूमि सहित कुल 331.58 एकड़ जमीन शामिल है.

मालूम हो कि इन दोनों जिलों के गंगा व गंडक के दियारा क्षेत्र में अवस्थित जमीन के हस्तांतरण के लिए पहली बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 19 सितंबर, 2019 को हुई थी. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्तर पर किये जाने वाले कार्यों की समीक्षा बैठक में पटना प्रमंडल के तत्कालीन आयुक्त संजय अग्रवाल को अध्यक्ष तथा पटना, सारण, वैशाली जिलों के डीएम और सारण-तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त को इस कमेटी में रखा गया था, जिन्होंने सरकार के निर्णय पर अपनी सहमति भेजी थी. अब सवा दो वर्षों के बाद सरकार ने इसको अमली जामा पहनाते हुए सारण और वैशाली की जमीन को पटना जिले में शामिल कर दिया है.

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