ePaper

तुलसीदास व प्रेमचंद की रचनाएं कालजयी : सुमंत

Updated at : 31 Jul 2025 8:14 PM (IST)
विज्ञापन
तुलसीदास व प्रेमचंद की रचनाएं कालजयी : सुमंत

जिला साहित्य सम्मेलन में मनायी गयी तुलसीदास सह प्रेमचंद जयंती

विज्ञापन

जिला साहित्य सम्मेलन में मनायी गयी तुलसीदास सह प्रेमचंद जयंती

संवाददाता, गया जी.

आजाद पार्क स्थित जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन भवन में महाकवि तुलसीदास और कथा सम्राट प्रेमचंद की जयंती पर समारोह आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता सुरेंद्र सिंह सुरेंद्र ने की. कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों ने दोनों महान साहित्यकारों के योगदान को याद किया और उनकी रचनाओं की प्रासंगिकता पर चर्चा की. अरविंद कुमार ने कहा कि तुलसीदास के संबंध में कई दंतकथाएं प्रचलित हैं, लेकिन उनकी रचना रामचरितमानस आज भी जनमानस में लोकप्रिय है. उपेंद्र सिंह ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले गांवों में लोग एक साथ बैठकर रामचरितमानस का पाठ करते थे, लेकिन आज ऐसी परंपरा कम हो गयी है. उदय सिंह ने कहा कि देश, समाज और परिवार की समस्याओं का समाधान तुलसी और प्रेमचंद की रचनाओं में मिलता है. डॉ राम परीखा सिंह ने अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए बताया कि हाइस्कूल में तुलसी जयंती पर पुरस्कार मिलने के बाद वे तुलसीदास के प्रशंसक बन गये. महामंत्री सुमंत ने कहा कि तुलसीदास और प्रेमचंद विश्व साहित्य में कालजयी लेखक हैं और हर भारतीय को उन पर गर्व है. उप सभापति अरुण हरलीवाल ने कहा कि इन दोनों लेखकों की रचनाएं भारत के ढाई सौ वर्षों के सामाजिक दस्तावेज हैं. समारोह के अंत में सभापति सुरेंद्र सिंह सुरेंद्र ने सभी का आभार जताया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
NIRAJ KUMAR

लेखक के बारे में

By NIRAJ KUMAR

NIRAJ KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन