गया जी : बिहार के मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों को पांच माह से नहीं मिला मानदेय, सीएम से भुगतान की मांग

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पांच माह से मानदेय नहीं मिलने पर मदरसा एवं संस्कृत विद्यालय कर्मियों ने सरकार से लगायी गुहार

बिहार राज्य के प्रस्वीकृत अनुदानित मदरसा एवं संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मियों को पिछले पांच माह से मानदेय नहीं मिलने पर गहरी चिंता जताई गई है. मदरसा संस्कृत विद्यालय गया जी के सचिव नाहिद अख्तर ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से अविलंब बकाया मानदेय जारी करने की मांग की है.

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बिहार राज्य के प्रस्वीकृत अनुदानित मदरसा एवं संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने पिछले पांच माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने पर गहरी चिंता जतायी है. कर्मियों ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से अविलंब बकाया मानदेय जारी करने की मांग की है.

कर्मियों का कहना है कि मानदेय नहीं मिलने से उनके परिवार के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है.

परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई तथा इलाज जैसी आवश्यक जरूरतों को पूरा करना कठिन हो गया है. उन्होंने सरकार से शीघ्र मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि शिक्षकों एवं कर्मचारियों का जीवन सामान्य हो सके.

किन विद्यालयों के कर्मियों को नहीं मिला मानदेय

गया जी जिले के जिन मदरसा एवं संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को मानदेय नहीं मिला है, उनमें मदरसा इर्शादुल उलूम (टिकारी), मदरसा कादरिया भाम (कोंच), मदरसा गरीब नवाज (आंती), मदरसा रहमानिया (डोभी), मदरसा गुलशन-ए-तैबा (इमामगंज), मदरसा अहसानुल मदरिश (आमस), मदरसा तफ्सीरिया दारुल कुरान (गुरुआ) सहित विभिन्न संस्कृत विद्यालय शामिल हैं. इस बात की जानकारी मदरसा संस्कृत विद्यालय गया जी के सचिव नाहिद अख्तर ने दी.

शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की जताई आशंका

शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि लंबित मानदेय का भुगतान जल्द से जल्द किया जाये, ताकि शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो और कर्मियों को आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सके.


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