4 महीने से वेतन नहीं मिलने पर फूटा गार्डों का गुस्सा, गया जी के अस्पताल में भारी बवाल, अधीक्षक ने बताई चौंकाने वाली वजह

Published by : Sakshi kumari Updated At : 13 Jun 2026 8:57 AM

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अस्पताल परिसर में खड़े गार्ड्स

Gaya ji News: गया जी शहर के प्रभावती अस्पताल में सुबह सुबह सुरक्षा गार्डों ने जमकर बवाल काटा है. चार महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए गार्डों ने नाराजगी जताई है.

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गया जी से संजीव कुमार सिन्हा की रिपोर्ट
Gaya ji News:
गया जी शहर के प्रभावती अस्पताल में सुबह सुबह सुरक्षा गार्डों ने जमकर बवाल काटा है. चार महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए गार्डों ने नाराजगी जताई है. गार्डों का कहना है कि फरवरी से मई 2026 तक का भुगतान अब तक नहीं हुआ है, जबकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं. वेतन भुगतान और नियुक्ति की वैधता को लेकर अब दोनों पक्ष आमने-सामने हैं.

4 महीने से वेतन नहीं मिलने से आर्थिक संकट

प्रभावती अस्पताल में कार्यरत सुरक्षा गार्डों का आरोप है कि उन्हें फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई 2026 का वेतन अब तक नहीं मिला है. लगातार भुगतान नहीं होने से उनके सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं और परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है.

सुपरवाइजर बोले- सिर्फ आश्वासन मिल रहा

गार्डों के सुपरवाइजर एवं ट्रेनर पंकज कुमार ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से बार-बार भुगतान का भरोसा दिया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई राशि जारी नहीं की गई है. उनका कहना है कि गार्ड लगातार ड्यूटी कर रहे हैं, बावजूद इसके उनका बकाया भुगतान लंबित है.

गार्डों ने दी नौकरी छोड़ने की चेतावनी

पंकज कुमार के अनुसार कई सुरक्षा कर्मी अब नौकरी छोड़ने पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कर्मचारी अब तक कंपनी के भरोसे काम कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण उनका धैर्य जवाब देने लगा है. गार्डों ने जल्द भुगतान नहीं होने पर बड़ा कदम उठाने के संकेत भी दिए हैं.

अधीक्षक ने पलटवार करते हुए नियुक्ति को बताया अवैध

दूसरी ओर अस्पताल की अधीक्षक डॉ. सुषमा वर्मा ने गार्डों के आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि मामला सिर्फ वेतन भुगतान का नहीं है, बल्कि सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का है. उनके अनुसार संबंधित गार्डों की तैनाती नियमों के अनुरूप नहीं की गई थी.

लाइसेंस और दस्तावेजों में गड़बड़ी का दावा

अधीक्षक का कहना है कि नियुक्ति के समय सुरक्षा एजेंसी के पास आवश्यक लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे. उन्होंने बताया कि प्राइवेट सिक्योरिटी एक्ट के तहत जिन औपचारिकताओं का पालन किया जाना चाहिए था, उन्हें पूरा नहीं किया गया. इस संबंध में एजेंसी को पहले ही लिखित सूचना दी जा चुकी थी.

बार-बार बदले गए गार्ड

अस्पताल प्रशासन ने यह भी आरोप लगाया है कि सुरक्षा एजेंसी की ओर से लगातार गार्ड बदले जाते रहे और उनकी नियुक्ति संबंधी पूरी जानकारी अस्पताल को नहीं दी गई. इससे सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रिया दोनों पर सवाल खड़े हुए हैं. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामला विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन है. यदि संबंधित एजेंसी सक्षम अधिकारियों के निर्देश या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करती है तो नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल भुगतान और नियुक्ति की वैधता दोनों मुद्दों पर अंतिम निर्णय लंबित है.

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साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में उनकी विशेष रुचि रही है. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, जनसंचार और समाचार लेखन की बारीकियों का अध्ययन किया. स्नातक शिक्षा पूरी करने के बाद भी उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा जारी रखी और वर्तमान में नौकरी के साथ-साथ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने दैनिक भास्कर में इंटर्नशिप के दौरान फील्ड रिपोर्टिंग, समाचार संकलन और ग्राउंड रिपोर्टिंग की व्यावहारिक समझ विकसित की. इस दौरान उन्होंने समाचारों के विभिन्न पहलुओं को नजदीक से समझा और पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप से सीखा. इसके बाद उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. जहां करीब तीन वर्षों तक डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहीं. इस दौरान उन्होंने राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण खबरों पर काम किया. News4Nation में कार्यरत रहते हुए उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की विस्तृत कवरेज की. चुनावी राजनीति, मतदाताओं के व्यवहार, राजनीतिक रणनीतियों और जमीनी मुद्दों को करीब से समझने का अवसर मिला. इस अनुभव ने उन्हें राजनीतिक खबरों को अधिक सटीकता, तथ्यों और विश्लेषण के साथ प्रस्तुत करने की विशेषज्ञता प्रदान की. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति, प्रशासनिक गतिविधियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी समझ है, जिसके अनुरूप वह खबरों को इस प्रकार तैयार करती हैं कि वे पाठकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें और खोज इंजन में बेहतर प्रदर्शन करें. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, उसकी त्वरित कवरेज और कम समय में सटीक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है. साक्षी किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं. वह विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही खबरों को प्रकाशित करती हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग में सटीकता और विश्वसनीयता बनी रहती है. न्यूजरूम में डेटा विश्लेषण, ट्रेंड मॉनिटरिंग और पाठकों की रुचि के आधार पर सर्वे एवं रिसर्च-आधारित खबरें तैयार करने में भी उन्हें बखूबी आता है. निरंतर सीखने और बदलते मीडिया परिदृश्य के साथ स्वयं को अपडेट रखने की उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक बेहतर डिजिटल पत्रकार बनने के लिए प्रेरित करती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाली साक्षी पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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