लुटुआ जंगल से बरामद हुई एके-47 की 65 गोलियां, Bihar STF ने बड़ी साजिश को किया नाकाम
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 26 Jul 2025 9:14 PM
Bihar STF: गया जिले के लुटुआ थाना क्षेत्र के भुसिया जंगल में पुलिस और एसटीएफ को सर्च अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है. जंगल में छिपाकर रखे गए एके-47 राइफल के 65 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं.
Bihar STF: गया जिला के लुटुआ थाना क्षेत्र के भुसिया जंगल में शनिवार को चलाये गये सर्च अभियान के दौरान पुलिस और एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है. नक्सलियों द्वारा जमीन में छिपाकर रखे गये एके-47 राइफल के 65 जिंदा कारतूस बरामद किये गये हैं.
क्या बोले लुटुआ थानाध्यक्ष
इस संबंध में लुटुआ थानाध्यक्ष पप्पू शर्मा ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर केंद्रीय सुरक्षा बल, जिला पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम जंगलों में तलाशी अभियान चला रही थी. इसी क्रम में भुसिया जंगल से एक कोल्ड ड्रिंक की बोतल में छिपाकर रखे गये कारतूस बरामद किये गये. सभी कारतूस अत्याधुनिक एके-47 राइफल के हैं.
बड़ी कामयाबी
थानाध्यक्ष ने बताया कि बरामदगी की सूचना वरीय अधिकारियों को दे दी गयी है और आगे की कार्रवाई जारी है. उन्होंने आशंका जतायी कि नक्सलियों ने किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की मंशा से इन कारतूसों को छिपाकर रखा था. समय रहते सुरक्षा बलों ने इसे बरामद कर नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया. यह बरामदगी पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है.
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पप्पू शर्मा ने यह भी बताया कि सरकार की सख्त नीति और केंद्रीय सुरक्षा बलों की सतर्कता के कारण क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों में काफी हद तक कमी आयी है. फिर भी नक्सली अब भी जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियार, मैगजीन, कारतूस, आइइडी, वायर, पुलिस वर्दी जैसी सामग्रियों का उपयोग करने की कोशिश में रहते हैं. लेकिन, सुरक्षा बल लगातार उनके ठिकानों की पहचान कर इस तरह की सामग्रियों को जब्त कर रहे हैं.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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