एसएसपी व एसपी की नीयत साफ नहीं

Updated:
विज्ञापन

एसएसपी व एसपी की नीयत साफ नहींफोटो-फ्लैग — हिरासत में मौत. आरोपित इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजन आंदोलित, कहानहीं हुई गिरफ्तारी, तो परिजन करेंगे गया से पटना तक आंदोलन सुजीत के परिजनों के समर्थन में उतरा महाराणा विचार मंच वरीय संवाददाता, गयागत 13 दिसंबर को मगध मेडिकल थाना पुलिस की हिरासत में पलामू […]

विज्ञापन

एसएसपी व एसपी की नीयत साफ नहींफोटो-फ्लैग — हिरासत में मौत. आरोपित इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजन आंदोलित, कहानहीं हुई गिरफ्तारी, तो परिजन करेंगे गया से पटना तक आंदोलन सुजीत के परिजनों के समर्थन में उतरा महाराणा विचार मंच वरीय संवाददाता, गयागत 13 दिसंबर को मगध मेडिकल थाना पुलिस की हिरासत में पलामू के युवक सुजीत सिंह की मौत के मामले में आरोपित इंस्पेक्टर बृजबिहारी पांडेय (अब निलंबित) की गिरफ्तारी नहीं होने से क्षुब्ध उसके परिजनों ने बुधवार को एसएसपी कार्यालय के पास आंबेडकर पार्क में धरना दिया. साथ ही, एसएसपी गरिमा मलिक, सिटी एसपी रविरंजन सिंह, डीएसपी (विधि-व्यवस्था) सतीश कुमार व शेरघाटी डीएसपी उपेंद्र प्रसाद के विरुद्ध जम कर नारेबाजी की. बैनर व पोस्टरों के साथ धरने पर बैठे सुजीत के मामा श्यामकिशोर सिंह की पत्नी सरस्वती देवी, मौसा चंद्रशेखर सिंह, महाराणा विचार मंच के सचिव जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू सिंह, रिश्तेदार रामछबीला सिंह, विनय सिंह व राजीव कुमार कन्हैया ने कहा कि इंस्पेक्टर बृजबिहारी पांडेय ने पुलिस हिरासत में सुजीत की पीट-पीट कर जान ले ली. इसकी प्रत्यक्षदर्शी सुजीत की मामी हैं. इंस्पेक्टर ने खुद अपने ही विरुद्ध सुजीत की हत्या की प्राथमिकी दर्ज की, लेकिन अब इस मामले में कार्रवाई के नाम पर एसएसपी व सिटी एसपी द्वारा खानापूर्ति की जा रही है. इस धरने के दौरान राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के नेता केदार प्रसाद वर्मा, रीता देवी, निर्भय सिंह, गुड्डू सिंह, गोपू सिंह, वीरेंद्र सिंह, बंटी सिंह, अमित सिंह, अभिषेक कुमार, रंजीत कुमार व अरुण कुमार सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे. इंस्पेक्टर को जेल भेजने से बचाने की कवायदसुजीत के परिजनाें व मंच के सदस्यों ने आरोप लगाया कि निलंबित इंस्पेक्टर को जेल भेजने से बचाने के लिए पुलिस महकमे के वरीय अधिकारी एकमत हो गये हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सबूत जुटाने करने के नाम पर एसएसपी व सिटी एसपी द्वारा खानापूर्ति की जा रही है. एसएसपी बार-बार बयान दे रही हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सुजीत के शरीर पर इंज्यूरी की बात सामने आने के बाद ही इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी की जायेगी. ऐसे में एसएसपी बता सकती हैं कि जिले में जितनी भी हत्याएं होती हैं, क्या उनमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपितों की गिरफ्तारी होती है. अगर ऐसा ही होता है कि ऐसे किसी केस का उदाहरण एसएसपी व सिटी एसपी दें. दबाव में हैं एसएसपी व सिटी एसपी परिजनों ने आरोप लगाया कि एसएसपी की छवि हमेशा कड़क व स्वच्छ रही है. उनकी कार्यकुशलता की प्रशंसा पुलिस महकमे में होती है. लेकिन, पता नहीं क्यों सुजीत की हत्या के आरोपित इंस्पेक्टर बृजबिहारी पांडेय को सिर्फ निलंबित कर एसएसपी ने कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर ली. अगर एसएसपी व सिटी एसपी की नीयत साफ है, तो वे इस बात का खुलासा करें कि वे मुख्यालय के किस पुलिस अधिकारी के दबाव में हैं. किस वरीय पुलिस अधिकारी ने इस जघन्य हत्या के मामले में इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. अगर एसएसपी व सिटी एसपी किसी वरीय पुलिस अधिकारी के दबाव में कार्य कर रहे हैं, तो ऐसे उनके विरुद्ध गया से लेकर पटना तक आंदोलन किया जायेगा. इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी नहीं होने तक सड़क पर प्रदर्शन किया जायेगा. क्या है मामलागौरतलब है कि सुजीत सिंह पलामू जिले के जपला थाने के ऊपरी खुर्द गांव के रहनेवाले विनय कुमार सिंह का बेटा था. लेकिन, वह मगध मेडिकल थाने के कलेर गांव में रहनेवाले अपने मामा श्यामकिशोर सिंह के घर में रहता था. 2013 में हुए एक मारपीट के मामले में कोर्ट से वारंट इश्यू होने के बाद विगत 11 दिसंबर की शाम तत्कालीन मगध मेडिकल थानाध्यक्ष बृज बिहारी पांडेय ने सुजीत सिंह को गिरफ्तार किया था. इसके बाद 13 दिसंबर की सुबह पुलिस हिरासत में इलाज के दौरान मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सुजीत की मौत हो गयी थी. इसकी मौत पर सुजीत के पिता विनय सिंह व मामी सरस्वती देवी ने आरोप लगाया था कि इंस्पेक्टर व पुलिसकर्मियों ने पीट-पीट कर सुजीत की हत्या कर दी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन