गया के किसान कर रहे हैं काले गेहूं की खेती
Updated at : 02 Jan 2020 3:52 AM (IST)
विज्ञापन

गया : कनक (सोने) के रंग में दिखनेवाला गेहूं अब काले रंग में भी दिखेगा. काले रंग में कहने का मतलब यह कतई नहीं है कि उस पर ब्लैक कलर की पॉलिश होगी. वह ऑरिजनल ब्लैक कलर में ही होगा, जो कि उसका मूल रंग ही होगा. मसलन उसकी उपज ही ब्लैक होगी, जो कि […]
विज्ञापन
गया : कनक (सोने) के रंग में दिखनेवाला गेहूं अब काले रंग में भी दिखेगा. काले रंग में कहने का मतलब यह कतई नहीं है कि उस पर ब्लैक कलर की पॉलिश होगी. वह ऑरिजनल ब्लैक कलर में ही होगा, जो कि उसका मूल रंग ही होगा. मसलन उसकी उपज ही ब्लैक होगी, जो कि स्वास्थ्य के लिए सामान्य गेहूं से कई गुणा अधिक लाभदायी होगा. इस काले गेहूं की खेती टिकारी के एक किसान ने अपने खेत में शुरू कर दी है.
जिला कृषि विभाग के अधिकारी अशोक कुमार सिन्हा का कहना है कि काले गेहूं अपने-आप में एक नयी फसल है. इसकी डिमांड भी अच्छी है. अब तक के रिसर्च और सर्वे के मुताबिक काले गेहूं की खेती किसानों के लिए फायदेमंद है. आम गेहूं में जहां ऐथोसाइनिन की मात्रा 5-15 पीपीएम होता है, वहीं काला गेहूं में ऐथोसाइनिन 100-200 पीपीएम पाया जाता है.
काले गेहूं का बाजार में औषधिये गुण होने के कारण अधिक मांग है.बाजार में यह 60 से 80 रुपये प्रति किलो बाजार में बिकता है. बाजार में ब्लैक ब्रेड, ब्लैक चौमीन, ब्लैक केक में भरपूर प्रयोग किया जाता है. काले गेहूं का पैदावार आम गेहूं की ही तरह है. इस गेहूं की पैदावार भी सामान्य गेहूं की तरह ही है. प्रति कट्ठा 60 से 80 केजी पैदावार होती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




