गयाजी में गुरु पूर्णिमा से शुरू होगा बौद्ध भिक्षुओं का वर्षावास, तीन महीने तक मठों में होगी साधना और धम्म चर्चा

Updated:
विज्ञापन
WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

गुरु पूर्णिमा के साथ बौद्ध भिक्षुओं का तीन महीने का वर्षावास शुरू हो गया है. इस दौरान भिक्षु मठों में रहकर साधना, ध्यान और धम्म चर्चा करेंगे. यह परंपरा अहिंसा के सिद्धांत से जुड़ी है.

विज्ञापन

Gayaji News : बौद्ध परंपरा के अनुसार 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन से बौद्ध भिक्षुओं का वर्षावास प्रारंभ होगा. तथागत बुद्ध के समय से चली आ रही इस परंपरा के तहत अगले तीन महीने तक भिक्षु और भिक्षुणियां अपने-अपने बौद्ध मठों में प्रवास करेंगे. इस दौरान वे साधना, ध्यान और धम्म चर्चा में समय व्यतीत करेंगे तथा नियमित रूप से धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे.

विज्ञापन

तीन महीने तक मठों में रहेगा प्रवास

वर्षावास की परंपरा के अनुसार इस अवधि में बौद्ध भिक्षु सामान्य परिस्थितियों में किसी अन्य स्थान की यात्रा नहीं करेंगे. वे एक ही बौद्ध मठ में रहकर साधना करेंगे. हालांकि, विशेष आवश्यकता पड़ने पर अधिकतम सात दिनों के लिए बाहर जाने की अनुमति होती है, जिसके बाद उन्हें पुनः अपने मठ में लौटना होता है.

अहिंसा के सिद्धांत से जुड़ी है परंपरा

तथागत बुद्ध के समय में भिक्षु भिक्षाटन के लिए गांव-नगरों का भ्रमण करते थे. बरसात के मौसम में रास्तों पर उगने वाले पौधों और छोटे-छोटे जीवों के पैरों तले कुचलने की आशंका रहती थी, जो अहिंसा के सिद्धांत के विरुद्ध था. इसी कारण भगवान बुद्ध ने वर्षा ऋतु में तीन महीने तक एक स्थान पर रहकर साधना और धम्म चर्चा करने की परंपरा शुरू की, जिसका पालन आज भी किया जाता है.

वर्षावास के बाद होता है महाकठिन चीवरदान

वर्षावास की समाप्ति पर बौद्ध श्रद्धालु भिक्षुओं को चीवर (वस्त्र) तथा दैनिक उपयोग की अन्य सामग्री दान करते हैं. इस धार्मिक परंपरा को महाकठिन चीवरदान कहा जाता है. यह बौद्ध समाज का महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन माना जाता है.

बोधगया के 100 से अधिक मठों में रहेगा विशेष आयोजन

महाबोधि मंदिर के मुख्य भिक्षु चालिंदा ने बताया कि वर्षावास की परंपरा तथागत बुद्ध के समय से लगातार निभाई जा रही है. उन्होंने कहा कि इस अवधि में भिक्षु साधना, ध्यान और धम्म चर्चा के माध्यम से आध्यात्मिक जीवन को समर्पित रहते हैं. उल्लेखनीय है कि बोधगया में विभिन्न देशों के 100 से अधिक बौद्ध मठ हैं, जहां गुरु पूर्णिमा से वर्षावास की शुरुआत होगी.


आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन