मगध मेडिकल में जेइ-एइएस संदिग्ध एक और बच्ची की मौत
Updated at : 11 Jul 2019 7:30 AM (IST)
विज्ञापन

गया : मगध मेडिकल में जेइ व एइएस संदिग्ध मरीजों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. गया-औरंगाबाद के अलावा झारखंड प्रदेश से यहां मरीज पहुंच रहे हैं. बुधवार की सुबह इलाज के लिए पहुंची झारखंड के पलामू जिले के पीपरा गांव की चार वर्षीय सुप्रिया कुमारी की मौत देर रात इलाज के दौरान हो गयी. […]
विज्ञापन
गया : मगध मेडिकल में जेइ व एइएस संदिग्ध मरीजों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. गया-औरंगाबाद के अलावा झारखंड प्रदेश से यहां मरीज पहुंच रहे हैं. बुधवार की सुबह इलाज के लिए पहुंची झारखंड के पलामू जिले के पीपरा गांव की चार वर्षीय सुप्रिया कुमारी की मौत देर रात इलाज के दौरान हो गयी.
अब तक मौत का आंकड़ा सात हो गया है. अब यहां अस्पताल में 16 संदिग्ध बच्चों का इलाज किया जा रहा है. अस्पताल व जिला प्रशासन के साथ-साथ राज्य व केंद्र सरकार भी इस बीमारी से पीड़ित बच्चों के इलाज की सुविधा पर नजर रख रही है. अस्पताल सूत्रों से मिली
जानकारी के अनुसार, अब तक यहां 28 संदिग्ध मरीज पहुंचे हैं. इनमें से सात की मौत इलाज के दौरान हो चुकी है. अस्पताल प्रशासन को बिना बताये ही तीन मरीजों को परिजन दूसरी जगह इलाज के लिए ले गये. दो मरीज के ठीक होने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है. ऐसे बच्चों की हालत के बारे में अधीक्षक डॉ विजय कृष्ण प्रसाद से कई बार फोन पर आधिकारिक जानकारी लेने की कोशिश की गयी. लेकिन, हर बार अधीक्षक ने देर रात तक मीटिंग में होने व थोड़ी देर बाद बात करने की बात कहते रहे.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल से संदिग्ध मरीजों का ब्लड सैंपल जांच के लिए राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, पटना को भेजा जा रहा है. सात जुलाई से अब तक मगध मेडिकल अस्पताल में भर्ती बच्चों का आरएमआरआइ की टीम ने ब्लड सैंपल लिया.
जांच रिपोर्ट में एक बच्चा जेइ पॉजिटिव, एक रूबेला, एक एइएस मम्स, एक पीएवी व बाकी की रिपोर्ट एइएस अज्ञात आयी है. आधा दर्जन से अधिक बच्चों का ब्लड सैंपल जांच के लिए इंस्टीट्यूट गया हुआ है. देर रात अधीक्षक से जब फोन पर पूछा गया कि जांच रिपोर्ट आयी है, तो उन्होंने कहा कि अब तक रिपोर्ट कहां आयी है. आयी भी होगी, तो उन्हें इसकी जानकारी नहीं है.
मीडिया पर बंदिश की हो रही तैयारी
जानकारी मिली है कि जिला प्रशासन के अधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को इस संबंध में कोई बयान देने से मना किया है. उससे भी एक कदम आगे बढ़ कर अधीक्षक ने मीडिया का प्रवेश अस्पताल में न हो, इसकी तैयारी करने लगे हैं. सूत्र बताते हैं कि हाल के दिनों में अस्पताल द्वारा की जा रही मनमानी उजागर करते हुए कई अखबारों ने खबर छापी थी.
उसके बाद से ही अस्पताल प्रशासन अपनी कमियों को दबाने के लिए कई जगहों पर हाथ पैर मार रहा है. इतना ही नहीं अस्पताल प्रशासन संदिग्ध बच्चों के ब्लड सैंपल जांच के लिए पटना भेजने में हुई देरी में दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उस पर बात ही करने से कतरा रहा है. इससे पहले सैंपल आपसी खींचतान में बहुत देर से इंस्टीट्यूट पहुंचाया गया था. इस कारण पटना से रिपोर्ट नहीं मिल सकी थी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




