गंडक नदी के तटबांधों का फिर से होगा अध्ययन, नीतीश बोले- 15 मई तक हो कटाव निरोधक कार्य पूरा

Published at :22 Mar 2021 6:49 AM (IST)
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गंडक नदी के तटबांधों का फिर से होगा अध्ययन, नीतीश बोले- 15 मई तक हो कटाव निरोधक कार्य पूरा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंडक नदी की दोनों तरफ के तटबंधों का विशेषज्ञों से फिर से अध्ययन करवाएं, खासकर उन इलाकों का, जहां बड़ी आबादी रहती है, ताकि उसका सुदृढ़ीकरण समय से पूरा किया जा सके.

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पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंडक नदी की दोनों तरफ के तटबंधों का विशेषज्ञों से फिर से अध्ययन करवाएं, खासकर उन इलाकों का, जहां बड़ी आबादी रहती है, ताकि उसका सुदृढ़ीकरण समय से पूरा किया जा सके.

इससे खतरे की आशंका कम हो जायेगी. लोगों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होगी. सीएम ने बताया कि उन्होंने केसरिया तक जाकर एप्रोच रोड का मुआयना किया है और पथ निर्माण विभाग को भी तेजी से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर प्रखंड में बंधौली-शीतलपुर-फैजुल्लापुर जमींदारी बांध पर कराये जा रहे कटाव निरोधक कार्य का रविवार को निरीक्षण किया. उन्होंने निर्देश दिया कि 15 माई तक इन सभी स्थानों पर कटाव निरोधक कार्य को पूरा करवा लें.

सीएम ने कटाव की स्थिति और इससे बचाव के लिए कराये जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली. उन्होंने कहा कि एक टीम बनाकर तटबंध की सभी साइट की पूरी स्टडी कराएं. जहां-जहां भविष्य में खतरे की आशंका हो सकती है, उन स्थानों को चिह्नित करके वहां सुदृढ़ीकरण का कार्य कराएं. घनी आबादी वाले क्षेत्रों में तटबंधों की मजबूती को ध्यान में रखते हुए स्टील शीट पाइल कराएं.

इस निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि पिछले वर्ष जब बाढ़ आयी थी, तो उस समय इन क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण किया था. इस क्षेत्र के लोगों को उस समय बाढ़ से काफी समस्या हुई थी. सड़क और तटबंध भी क्षतिग्रस्त हो गये थे. बाढ़ खत्म होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया है. इन सभी कार्यों को तेजी से पूरा करना है, ताकि फिर से इस इलाके के लोग प्रभावित नहीं हो सकें.

जल संसाधन विभाग विशेषज्ञों और एनआइटी की मदद से इस कार्य को बेहतर तरीके से करवा रहा है. उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर तटबंध से सटे घनी आबादी रह रही है, वहां स्टील शीट पाइल का उपयोग कर उनका सुदृढ़ीकरण किया जाये. स्टील शीट पाइल का प्रयोग बिहार में पहली बार मधुबनी जिले में किया गया था, जिसका अनुभव काफी अच्छा रहा. इसमें जमीन के नीचे 12 मीटर तक स्टील शीट पाइल डाली जाती है, जिससे तटबंध को काफी मजबूती मिलती है.

इस मौके पर मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न देकर डीएम ने अभिनंदन किया. निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री सुनील कुमार, सांसद डॉ आलोक कुमार सुमन, विधायक प्रेमशंकर यादव, जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव हंस, सीएम के सचिव अनुपम कुमार, सारण प्रमंडल की आयुक्त पूनम, सारण रेंज के डीआइजी मनु महाराज, डीएम नवल किशोर चौधरी, एसपी आनंद कुमार, जल संसाधन के अभियंता प्रमुख राजेश कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.

posted by ashish jha

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