बिहार में नेपाल से आती है स्मैक की खेप, झोपड़पट्टी की महिलाएं भी करती है डिलीवरी, जानिए नशे के कारोबार का सच..
Published by : ThakurShaktilochan Sandilya Updated At : 09 Sep 2023 10:13 AM
EXPLAINER: बिहार में सूखे नशे का काला कारोबार तेजी से पसर रहा है. हाल में ही ईओयू ने नेपाल से सटे जिलों को चिन्हित किया और इस धंधे को लेकर संवेदनशील बताया. पटना में जब स्मैक के साथ तीन लड़के पकड़े गए तो इस धंधे का नेपाल कनेक्शन भी सामने आया. जानिए पूरा सच..
EXPLAINER: बिहार में शराब को बैन किया गया तो सूखे नशे के कारोबार ने अपना पांव पसार लिया. आए दिन स्मैक, गांजा, ब्राउन सुगर वगैरह के साथ तस्कर पकड़े जाते हैं. पिछले दिनों पटना पुलिस ने स्मैक का धंधा करने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया. गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया और उनसे पूछताछ की तो कई दंग करने वाले खुलासे हुए. नशे के इस काले कारोबार का नेपाल कनेक्शन सामने आया है. वहीं गिरोह के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि कैसे स्टॉक को झोपड़पट्टियों में जमा किया जाता है और तस्करों के निशाने पर कौन होते हैं.
पटना के कंकड़बाग थाने की पुलिस ने स्मैक का धंधा करने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया. गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया और उसकी कार से भारी मात्रा में स्मैक भी बरामद हुआ है. वहीं आगे की कार्रवाई में सरगना समेत तीन शातिरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जिसके पास से 590 ग्राम स्मैक, 88400 रुपये नकद, एक कार, दो बाइक व दो मोबाइल बरामद किया गया है. गिरफ्तार शातिरों में फतुहा थाना क्षेत्र के नारायण चौक निवासी सरगना 24 वर्षीय मनीष कुमार, 19 वर्षीय गोलू कुमार और वैशाली के जुड़ावनपुर निवासी अभिषेक कुमार उर्फ गोपाल कुमार शामिल हैं.
सरगना वर्तमान में कंकड़बाग के चांदमारी रोड में रहता था. शुक्रवार को सिटी एसपी इस्ट संदीप सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि यह गिरोह नेपाल से स्मैक की खेप पटना मंगवाकर नाबालिगों से पत्रकार नगर, आरके नगर, कंकड़बाग और जक्कनपुर थाना क्षेत्र के इलाकों में डिलिवरी करवाता था. इसके लिए प्रत्येक पुड़िया पर कमिशन दिया जाता था. इसके अलावा मोतिहारी और आरा से भी स्मैक की खेप मंगवायी जाती थी. पूछताछ में सरगना ने बताया कि यह ज्यादातर झोंपड़पट्टी में रहने वाली महिलाओं को स्मैक पार्सल करने के लिए देते थे.होम डिलीवरी के लिए नाबालिग का इस्तेमाल किया जाता था. इस गोरखधंधे ने इन तस्करों को अचानक अमीर बना दिया. अकूत संपत्ति इन्होंने बनायी.
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जानकारी के अनुसार गिरोह युवाओं को टारगेट करता था. बड़े-बड़े संस्थान के आसपास अपने नेटवर्क को फैलाये हुए था. थानाध्यक्ष रविशंकर सिंह ने बताया कि इस गिरोह के और भी सदस्य है, जिसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है. इसमें महिलाएं भी शामिल हैं. गोलू और अभिषेक के अलावा पांच अन्य धंधेबाजों का नाम आया है. सभी की पहचान कर ली गयी है. बता दें कि पटना के अलावा भी अन्य जिलों में स्मैक व ड्रग्स का कारोबार पसरा हुआ है. सीमांचल के जिलों व भागलपुर आदि शहरों में आए दिन स्मैक के साथ तस्कर पकड़े जाते हैं.
दरअसल, नेपाल की सीमा से सटे जिले इस मामले में बेहद संवेदनशील हैं. यहां से ड्रग्स की आपूर्ति पटना समेत अन्य जिलों में होती है. हाल में ही ईओयू ने इन जिलों को चिन्हित किया था. इस साल बिहार में पांच हजार किलो से अधिक गांजा, चरस, ड्रग्स, स्मैक वगैरह पकड़े जा चुके हैं. बात भागलपुर की करें तो नशे का कारोबार यहां भी तेजी से पसरा है. बायपास क्षेत्र में शाम होते ही नशे का खेल शुरू हो जाता है. यहां बेखौफ होकर युवा इन सूखे नशे का सेवन करते हैं. हाल में ही एनसीबी ने नशे के कारोबारियों की धर-पकड़ यहां की थी. जिसमें बाहर से नशे का खेप आने की बात सामने आयी थी.
सीमांचल में भी ये काला कारोबार तेजी से पांव पसारा है. यहां बंगाल और नेपाल दोनों जगहों से नशे का खेप पहुंचाया जाता है. आए दिन पुलिस इसका खुलासा करती रही है. पिछले साल मई महीने में पूर्णिया में बंगाल के रहने वाले तस्करों को पकड़ा गया तो उन्होंने कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे. बांग्लादेश और नेपाल से नशे का खेप पहुंचाया जाता है और कम उम्र के छात्र-छात्राओं को इस धंधे में उतारा जाता है. महिलाओं को भी पैसे कमाने का प्रलोभन देकर इस कारोबार में खींचा जाता है.
ड्रग्स के इस काले कारोबार में पूरा परिवार भी कई जगह लिप्त मिला है. इसके दो बड़े उदाहरण पटना और भागलपुर में हुए खुलासे से सामने आते हैं. पटना में पुलिस ने जिस मनीष को स्मैक के धंधे में पकड़ा है उसके छोटे भाई के बारे में भी जानकारी सामने आयी है. वह भी स्मैक सप्लाई करता है. जबकि मनीष का पिता चोरी के मामले में जेल जा चुका है. वहीं भागलपुर में एक पिता और पुत्र को स्मैक के साथ हाल में ही पकड़ा गया था.
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By ThakurShaktilochan Sandilya
डिजिटल मीडिया का पत्रकार. प्रभात खबर डिजिटल की टीम में बिहार से जुड़ी खबरों पर काम करता हूं. प्रभात खबर में सफर की शुरुआत 2020 में हुई. कंटेंट राइटिंग और रिपोर्टिंग दोनों क्षेत्र में अपनी सेवा देता हूं.
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