Diwali: भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी धूमधाम से मनायी जाती है दिवाली, जानें कहां कैसे होता है आयोजन

Updated at : 23 Oct 2022 4:21 PM (IST)
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Diwali: भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी धूमधाम से मनायी जाती है दिवाली, जानें कहां कैसे होता है आयोजन

Diwali: दीपों का पर्व दिवाली मनाने को लेकर जिलेभर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं. जहां एक तरफ लोग दिवाली को लेकर अपने घरों की साफ-सफाई करने में लगे हैं, तो वहीं दिवाली को लेकर बाजार भी सज गया है. मगर भारत के अलावा भी अन्य देशों में दीवाली मनायी जाती है. केवल इसके नाम अलग-अलग हैं.

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Diwali: दीपों का पर्व दिवाली मनाने को लेकर जिलेभर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं. जहां एक तरफ लोग दिवाली को लेकर अपने घरों की साफ-सफाई करने में लगे हैं, तो वहीं दिवाली को लेकर बाजार भी सज गया है. बताते चलें कि ऐसी मान्यता है कि त्रेता काल में दशानन रावण का वध करने के बाद भगवान राम दिवाली के दिन ही अयोध्या वापस लौटे थे. तब से लेकर आज तक दिवाली का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, पर यह पर्व ना सिर्फ भारत में बल्कि अन्य देशों में भी बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. दिवाली में जहां भारत में लोग अपने घरों को दियों से सजाते हैं तथा पटाखे और फुलझड़ियां जलाकर अपनी खुशी का इजहार करते हैं, तो वहीं अन्य कई देशों में भी दिवाली का पर्व मना कर खुशियां बांटी जाती है. हालांकि अलग-अलग देशों में दिवाली को अलग-अलग नाम से जाना जाता है. पर सभी देशों में दीपों के इस त्यौहार को लगभग एक ही तरीके से मनाते हैं.

अलग-अलग देशों की अलग-अलग दिवाली

जानकार बताते हैं कि दिवाली का पर्व भारतवर्ष में दीपावली या दिवाली के नाम से जाना जाता है. इस त्यौहार को इजरायल में हंतकाह प्रकाश उत्सव का आयोजन किया जाता है. यह त्यौहार 8 दिन तक मनाया जाता है और इस बीच आतिशबाजी भी की जाती है. जर्मनी में कार्निवल नाम से ऐसा ही मिलता जुलता एक त्यौहार मनाया जाता है, जो प्रतिवर्ष 11 नवंबर को मनाया जाता है. नेपाल में भारत के समान ही दीपावली का पर्व 5 दिनों तक मनाया जाता है. लेकिन इसके स्वरूप में कुछ अंतर है. ऐसी मान्यता है कि यमराज के प्रकोप से बचने के लिए कौओं की पूजा की जाती है तथा दूसरे दिन कुत्तों की पूजा की जाती है. तीसरे दिन दीपावली का प्रमुख पर्व होता है, जिसमें गाय पूजन व लक्ष्मी पूजन किया जाता है. यहां लोग अपने घरों को दीपक से सजाते हैं तथा आतिशबाजी करते हैं. बेल्जियम में इसे रसर्ट उत्सव के नाम से दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है. श्रीलंका में बुद्ध पूर्णिमा के दिन दीपावली का उत्सव बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है. यहां 20 मीटर ऊंचाई की भगवान गौतम बुद्ध की झांकी बनाकर इसके इर्द-गिर्द और मोमबत्तियां लगाकर साज सज्जा की जाती है.

जापान में मनाया जाता है तोरोनगशी उत्सव

जापान में तोरोनगशी उत्सव मनाया जाता है. जो दीपावली के त्यौहार के समान ही है. मारीशस में लोगों की मान्यता है कि दीपावली राम के राज्याभिषेक के पूर्व से मनाई जा रही है तथा तथा इसे उपयोगी बनाने इसे उपयोगी बनाने के लिए ऐसे ही भगवान राम के साथ जोड़ दिया गया है. यहां भी लोग दिया जलाकर यह त्यौहार मनाते हैं. अन्य देशों में भी दीपावली को अलग-अलग नाम से जाना जाता है. थाईलैंड में दीपावली को क्रायोंग नाम से मनाते हैं, यहां छोटे-छोटे दिए बनाकर उसमें जल्दी मोमबत्तियां रखकर लोग उसे नदी में तैराते हैं. बर्मा में दीपावली का त्यौहार को भारत के दीपावली के समान ही मनाया जाता है. यहां इसे तौगीज के नाम से मनाया जाता है. रोम में इसे कैंडिल मारू और नोर्टिविटी ऑफ मेरी उत्सव, चीन में नई महुआ के नाम से या त्यौहार मनाया जाता है तथा लोग चीनी भाषा में अपने घरों के बाहर शुभ-लाभ शब्द अंकित करते हैं. गुयाना में भी इस दिन रौशनी की जाती है. इसके अलावे विश्व के अन्य देशों में भी दिवाली का त्यौहार मनाया जाता है.

रिपोर्ट: गुलशन कश्यप

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