बिहार में तेजी से बढ़ रहे डेंगू के मामले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जानें बचाव की क्या है तैयारी..

Bihar News: बिहार में लगातार डेंगू के मरीज सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ चुकी है. पटना में दो महीने में 28 संक्रमित मिले है. वहीं, भागलपुर में एक मरीज क��� मौत की खबर सामने आई. दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग भी डेंगू को लेकर अलर्ट मोड पर है.
Bihar News: बिहार में लगातार डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं. पटना में एक महीने में 28 संक्रमित सामने आए है. वहीं, भागलपुर में एक मरीज की डेंगू के कारण मौत हो चुकी है. जिले के मायागंज अस्पताल में शुक्रवार को जांच के बाद तीन लोगों में डेंगू बीमारी की पुष्टि हुई है. लोगों की चिंता बढ़ चुकी है. दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग भी इसे लेकर अलर्ट मोड पर है. बीमारी से बचाव के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. विभाग के अपर मुख्य ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निर्देश जारी किए है. साथ ही प्रभावित इलाकों में नगर निगम की ओर से छिड़काव किया जा रहा है. वहीं, अब लोगों को बीमारी के प्रति जागरुक किया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में बेड आरक्षित करने का आदेश दिया है.
डेंगू व मलेरिया को लेकर प्रधान सचिव ने अलर्ट रहने का निर्देश दिया है. डेंगू से बचाव के लिए शहर से लेकर प्रखंड तक डेंगू के एक मरीज मिलने पर आसपास के दो सौ घरों में एंटी लार्वा केमिकल का छिड़काव कराने का निर्देश दिया गया है. वीसी में प्रधान सचिव ने कहा कि स्थायी जलजमाव वाले जगहों पर एंटी लार्वा केमिकल का छिड़काव किया जाये. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक टीम को लगाया जाये. सिविल सर्जन उमेश चंद्र शर्मा ने कहा कि शहरी क्षेत्र में नगर निगम की ओर से छिड़काव कराना है, जबकि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य विभाग डेंगू व मच्छर जनित रोगों के प्रति सजग एवं अलर्ट है. यह अभियान ठंड के मौसम आने तक चलता रहेगा. टीम ने जलजमाव वाले जगहों पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है.
डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसे गंभीर रोग से निपटने के लिए मुजफ्फरपुर जिले में रैपिड रिस्पोंस टीम का गठन किया गया है. जिला स्तर से लेकर सामुदायिक स्तर पर आम लोगों में इन रोगों के प्रति जागरूकता व इलाज की सटीक जानकारी देने के साथ आपातकाल स्थिति में सक्रिय रहने की जिम्मेदारी इस टीम को दी गयी है.
डेंगू काे लेकर मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल में 10, पीएचसी में 2-5 बेड सुरक्षित रखा गया है. सभी बेड पर मच्छरदानी रहेगा. पिछले साल डेंगू के काफी मामले आने के बाद इस वर्ष वैसी स्थिति नहीं है. इसके लिए सभी प्रकार की तैयारी की गयी है. इधर, सिविल सर्जन ने कहा कि राज्य में अभी डेंगू के 37 मामले एक्टिव हैं. इससे सावधानी बरतने की जरूरत है. इस बीमारी का प्रकाेप का फैलाव नहीं हाे, इसके लिए लाेगाें काे जागरूक किया जा रहा है. वहीं ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है. मरीज के गंभीर हाेने पर सदर अस्पताल में 10 और पीएचसी में दाे से पांच बेड आरक्षित रखे गये हैं. सीएस ने कहा कि लाेगाें काे डेंगू से बचाव के लिए बदन दर्द, बुखार, जकड़न आदि का लक्षण आने पर तुरंत जांच कराने के लिए जागरूक करने काे कहा गया है. वहीं छताें और घर के आसपास व कूलर में पानी जमा नहीं हाेने देने के लिए अभियान चलाया जायेगा. सिविल सर्जन डाॅ यूसी शर्मा ने कहा कि सदर अस्पताल में मच्छरदानी समेत 10 बेड आरक्षित कर दिया गया है. सभी आवश्यक दवा व जांच किट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रभारियाें काे निर्देश दिया गया है.
डेंगू से बचने के लिए अब राज्यभर के अस्पतालों में बेड आरक्षित है. अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मेडिकल कालेजों में 50- 50 बेड आरक्षित करने को कहा है. जबकि, सदर अस्पतालों में दस- दस बेड आरक्षित करने का आदेश है. सामुदायिक अस्पतालों में पांच – पांच बेड आरक्षित करने का आदेश है. इस साल अब- तक डेंगू के 73 मामले सामने आ चुके है. पटना में 28 संक्रमितों में से दस बाहर से बीमार होकर पहुंचे है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को टास्क दिया गया है कि नगर निगम से समन्वय स्थापित कर दवाओं का छिड़काव सुनिश्चित करें. पिछले साल की तरह इस साल मामले सामने नहीं आए इसके लिए अलर्ट रहने को कहा गया है. साथ ही तैयारी करने को भी कहा गया है.
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By Sakshi Shiva
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